चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद,19 KM पैदल चलकर अभिनेत्री सारा अली खान ने भी किए दर्शन
Rudranath temple चमोली स्थित चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के बंद कर दिए गए हैं। आज सुबह ब्रह्म मुहूर्त के बाद विधि विधान के साथ कपाट बंद कर दिए गए हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। प्राप्त कपाट बंद होने से पहले अभिनेत्री सारा अली खान भी चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ मंदिर के दर्शन को पहुंची थी।
कपाट बंद होने के बाद भगवान रुद्रनाथ की उत्सव विग्रह डोली अपनी शीतकालीन गद्दीस्थल गोपीनाथ मंदिर, गोपेश्वर के लिए रवाना हुई। अब अगले छह महीनों तक,शीतकाल के दौरान, श्रद्धालु चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के दर्शन और पूजा-अर्चना गोपीनाथ मंदिर (गोपेश्वर) में कर सकेंगे।

रुद्रनाथ मंदिर पुरे उत्तर भारत में एकमात्र ऐसा शिव मंदिर है जहां पर भगवान शिव के मुख दर्शन होते हैं, यह मंदिर उत्तराखंड के पांच केदारों में से चतुर्थ केदार के रूप में प्रसिद्ध है।करीब 11,808 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस मंदिर में पहुंचने के लिए कई बुग्याल पार कर 19 किलोमीटर की चढ़ाई करनी पड़ती है।
रुद्रनाथ के पुजारी सुनील तिवारी ने बताया सुबह चार बजे से भगवान रुद्रनाथ की पूजा शुरू हो गई थी। सभी पूजाएं संपन्न कराने के बाद सुबह छह बजे मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।। साढ़े सात बजे डोली ने रुद्रनाथ से प्रस्थान किया। पंच गंगा, पितृधार होते हुए पनार गुग्याल होते मोली बुग्याल पहुंचेगी।
मुख्य पुजारी सुनील तिवारी ने बताया कि पौराणिक परंपराओं के अनुसार शीतकाल के दौरान 6 माह के लिए भगवान रुद्रनाथ के कपाट आम श्रद्धा वालों के दर्शन आरती बंद कर दिए जाते हैं और उसके बाद भगवान की उत्सव डोली उनकी शीतकालीन गद्य स्थल गोपीनाथ मंदिर में विराजमान रहती है। 6 माह तक भगवान रुद्रनाथ की नित्य पूजा अर्चना है गोपीनाथ मंदिर में होती है जो श्रद्धालु रुद्रनाथ तक नहीं पहुंच पाते हैं वह भगवान रुद्र के दर्शन गोपीनाथ मंदिर में कर सकते हैं।












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