Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

हरिद्वार में विश्व धर्म संसद के आयोजन को लेकर क्यों मचा बवाल, अनुमति न मिलने के बाद साधु संतों ने क्या किया

haridwar dharm sansad: हरिद्वार के श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के परिसर माया देवी मंदिर में शुक्रवार को विश्व धर्म संसद का आयोजन हुआ। जिला प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने पर पहले दिन विश्व धर्म संसद नहीं हो सकी थी लेकिन शुक्रवार को माया देवी मंदिर में धर्म संसद आयोजित की गई।

इसमें अलग अलग राज्यों से आये साधु संतों ने हिस्सा लिया। इसमें अलग-अलग प्रान्तों से आए संतों और प्रबुद्ध नागरिकों ने एक स्वर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिन्दुओं की रक्षा के लिए सैन्य कार्रवाई की मांग की।

dharm sansad Why uproar over organizing Haridwar What did saints do not getting permission

महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी ने कहा कि धर्म संसद का प्रमुख लक्ष्य सनातन वैदिक राष्ट्र की स्थापना रहेगा। अगर हम सनातन वैदिक राष्ट्र की स्थापना करने में असफल हो गए तो सनातन धर्म का विनाश कोई नहीं रोक सकेगा। जूना अखाड़े के परिसर में दूसरे दिन धर्म संसद का आयोजन के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अमला अखाड़े के किनारे मौजूद रहे।

इसमें महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद, डॉ. उदिता त्यागी, अयोध्या की हनुमानगढ़ी के संत राजू दास और संत कालीचरण भी शामिल हुए। संतों ने अधिकारियों पर जमकर आक्रोश जताया और मां बगलामुखी का हवन कर उनको सद्बुद्धि प्रदान करने की कामना की।

धर्म संसद को संबोधित करते हुए अयोध्या की हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने अधिकारियों को निरंकुश बताया। उन्होंनेे कहा कि यह सनातन धर्म के अपमान की पराकाष्ठा है। उत्तराखंड देव भूमि है यहां के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस घटना का संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए।

धर्म संसद में श्रीमहंत महाकाल गिरी, श्रीमहंत सत्यानंद गिरी, साध्वी आस्था मां, आचार्य मानव, साध्वी निर्मला, यति परमात्मानंद गिरी, महंत अविराम दास, योगी सरोजनाथ, यति यतेंद्रानंद, यति कृष्णानंद गिरी, यति सत्यदेवानंद, आचार्य गिरधर स्वामी, स्वामी चंद्र देव महाराज, जगतगुरु स्वामी अवधेश प्रपन्नाचार्य, यति निर्भयानंद गिरी, यति सत्यानंद गिरी, यति रणसिंहानंद गिरी, यति असीमानंद गिरी, यति अभयानंद गिरी, यति रामस्वरूपानंद गिरी समेत बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहे।

बता दें कि बीते गुरुवार को प्रशासन की ओर धर्म संसद की अनुमति नहीं मिलने के बाद स्थगित कर दिया गया था। इसमें हिंदुओं के साथ हो रहे अत्याचारों के खिलाफ श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े की और से विश्व धर्म संसद का आयोजन प्र​स्तावित था। तीन दिवसीय आयोजन की जूना अखाड़ा परिसर में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। हालांकि, जिला प्रशासन ने विश्व धर्म संसद के आयोजन की अनुमति नहीं दी थी।

21 दिसंबर तक होने वाले धर्म संसद का आयोजन जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर और गाजियाबाद के डासना मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद गिरि द्वारा किया जा रहा था। इसके बाद कुछ संतों ने विरोध स्वरूप हरिद्वार से सुप्रीम कोर्ट तक पैदल यात्रा करने का ऐलान किया था। धर्म संसद के आयोजन की अनुमति न मिलने पर यति नरसिंहानंद गिरि ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी पत्र लिखकर विरोध दर्ज कराया था।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+