Dehradun news: मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों से युवा उद्यमी तैयार कर रहा आर्गेनिक धूप, जानिए कैसे संभव हुआ ये सब

देहरादून के युवा उद्यमी ने मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों से धूप अगरबत्ती बनाने का काम शुरू किया है। जो कि उत्तराखंड में किए जा रहे इस तरह का पहला प्रयोग बन गया है।

Dehradun news: Young entrepreneur is preparing organic incense from flowers offered in temples, know how all this became possible

देहरादून के युवा उद्यमी ने एक नया प्रयोग कर मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों से धूप अगरबत्ती बनाने का काम शुरू किया है। जो कि उत्तराखंड में किए जा रहे इस तरह का पहला प्रयोग बन गया है। युवा उद्यमी ने अपनी इस सोच के साथ कई बेरोजगारों को जोड़ने की पहल भी की है। इस तरह देहरादून के इस युवा ने एक अलग सोच के साथ नया काम शुरू कर सभी के लिए मिसाल पेश की है।

मंदिरों में चढ़ रहे फूल, नहीं होता निस्तारण
मंदिरों में चढ़ाए जा रहे फूलों को इधर उधर फेंकने और कूड़ा में डालते देख देहरादून के युवा विकास उनियाल को यह अच्छा नहीं लगा। विकास ने इसके बारे में अध्ययन किया कि इन फूलों को किस तरह सही प्रयोग में लाया जा सकता है। एक तरफ हिंदू आस्था और श्रद्धा के साथ मंदिरों में भगवान को फूल चढ़ाते हैं दूसरी तरफ सही निस्तारण न होने से इन फूलों को इधर उधर डाल दिया जा रहा है।

फूलों से धूप और अगरबत्ती बनाना शुरू
इस पर रिसर्च करने के बाद विकास ने इन फूलों को सही सदुपयोग में लाने के लिए प्रयास किया। इसके लिए लखनऊ, कानपुर और देहरादून शहरों में ट्रेनिंग ली। इसके लिए सीएसआईआर सी मैप लखनऊ, केवीआईबी जिला ग्रामोघोग अधिकारी अल्का पांडेय और नगर निगम देहरादून के साथ​ मिलकर उन्होंने आखिर इसका समाधान निकाला और इन फूलों से धूप और अगरबत्ती बनाना शुरू किया। शुरूआत में उन्होंने अपने साथ 15 लोगों को जोड़ा है। जिसमें ज्यादातर महिलाएं हैं।

एक दिन में 400 से 500 किलो फूल, 7 से 9 हजार स्टिक धूप
इसमें विकास के साथ उनकी ​बहन नीतिका भट्ट हाथ बढ़ा रही हैं। जो कि अगस्त 2022 से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे। अब इनको मार्केट में लांच किया गया है। देहरादून के मंदिरों से एक दिन में नगर निगम ​उन्हें 400 से 500 किलो फूल उपलब्ध करा रहे हैं। जिनसे 7 से 9 हजार स्टिक धूप बन जाते हैं। इसके लिए 4 से 5 दिन तक पहले साफ कर, फिर सूखाकर, कैमिकल हटाने के बाद धूप तैयार किए जा रहे हैं।

ऐसे तैयार हो रहे आर्गेनिक धूप
विकास ने बताया कि ये पूरी तरह से आर्गेनिक हैं। लेकिन जो फूल आजकल मंदिरों में चढ़ाये जाते हैं, वे सिंथेटिक होते हैं, उन्हें भी जल्दी तैयार करने के लिए कैमिकल इस्तेमाल होता है। इनको हटाने के लिए एसेंसियल आयल यूज किया जाता है। जिससे ये शुद्ध आर्गेनिक बन जाएं। ​विकास उनियाल इससे पहले 2019 में देहरादून में शुद्ध आर्गेनिक मसाले भी लांच कर चुके हैं। जो कि भावना नाम से मार्केट में उतारे गए। इस बार धूप को देवभूमि टेंपल फ्लावर रि प्रोसेसिंग प्रोजेक्ट के तहत लांच किए गए हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+