Dehradun news:रेडियो एक्टिव डिवाइस केस, अब तक 6 अरेस्ट, पूर्व आयकर अधिकारी भी शक के दायरे में
देहरादून के राजपुर क्षेत्र में RAM (रेडियोएक्टिव मैटेरियल) इलैक्ट्रानिक डिवाइस के मामले में पुलिस ने एक और अभियुक्त को गिरफ्तार किया है।
थाना राजपुर में बरामद संदिग्ध रेडियोएक्टिव मैटेरियल डिवाइस के क्लोन बनाने संबंधित मामले में पुलिस द्वारा 12 जुलाई को 05 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया था।

अभियुक्तों से पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि डिवाइस को सहारनपुर निवासी राशिद से खरीद कर लाया गया। जिसमें कुछ अन्य लोगो के भी शामिल होने की जानकारी दी गयी थी। अभियुक्तो के पूछताछ के आधार पर राशिद निवासी सहारनपुर, उत्तर प्रदेश को पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।
बीते 13 जुलाई को देहरादून पुलिस ने रेडियो एक्टिव पदार्थ मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। राजपुर क्षेत्र में संदिग्ध रेडियो एक्टिव मैटेरियल (RAM) डिवाइस मिलने के मामले में बिना किसी मापदंड के आरोपियों द्वारा डिवाइस में केमिकल का उपयोग किया था।
जांच में सामने आया है कि आरोपी डिवाइस को ऊंचे दामों में बेचकर करोड़ों रुपये का मुनाफा कमाना चाहते थे। इस खरीद-फरोख्त के सौदे के लिए आरोपियों ने पूर्व आयकर अधिकारी का मकान किराए पर लिया था। आरोप है कि पूर्व आयकर अधिकारी ने आरोपियों को अपने प्रभावशाली होने और बेधड़क होकर मकान में डिवाइस का सौदा करने का भरोसा दिलाया था।
पुलिस ने इस पूर्व आयकर अधिकारी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया है। थाना राजपुर पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि ब्रुक एंड वुड्स सोसाइटी में स्थित फ्लैट में कुछ संदिग्ध व्यक्ति किराए पर रहकर अपने साथ कोई रेडियोएक्टिव पदार्थ और अन्य सामग्री लेकर आए हैं।
पुलिस ने मौके से सुमित पाठक निवासी आगरा, तबरेज आलम निवासी सहारनपुर, सरवर हुसैन निवासी दिल्ली, जैद अली निवासी भोपाल और अभिषेक जैन निवासी भोपाल को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में अभियुक्त तबरेज आलम ने बताया कि ये डिवाइस 10 से 11 महीने पहले सहारनपुर निवासी एक परिचित राशिद उर्फ समीर से खरीदा गया है।
सुमित पाठक ने बताया कि वो डिवाइस की खरीद फरोख्त की बात करने देहरादून आया है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर दिल्ली और फरीदाबाद के कुछ अन्य लोगों के नाम सामने में आए हैं, जिसके संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
नरोरा एटॉमिक पावर स्टेशन की रेडिएशन इमरजेंसी रिस्पांस टीम ने डिवाइस का परीक्षण किया। परीक्षण के बाद डिवाइस में रेडियो एक्टिव पदार्थ नहीं होने की बात बताई गई। डिवाइस में कुछ केमिकल मौजूद होने पर डिवाइस को परीक्षण के लिए भाभा एटोमिक रिसर्च सेंटर भेजा गया है। टीम द्वारा डिवाइस में गलत तरीके से बिना किसी मापदंड के उसमे कैमिकल का उपयोग किए जाने की रिपोर्ट दी गई, जिस पर पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ धारा बढ़ाई गई है।












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