Dehradun disaster: बारिश ने मचाई तबाही, अब तक 30 की मौत, 10 लापता, दूरस्थ गांवों मेंं डीएम ने संभाला मोर्चा
Dehradun disaster: उत्तराखंड में मानसून की बारिश ने जमकर तबाही मचाई है। देहरादून में 15 और 16 सितंबर को आई आपदा ने जमकर कहर बरपाया। जिनके निशां अब तक नजर आ रहे हैं। सहस्त्रधारा, रायपुर, मालदेवता, विकानगर, मसूरी तक आपदा से भारी नुकसान हुआ है।
भारी बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ जैसी स्थितियों ने ऐसा उत्पात मचाया कि कई घर, सड़कें, पुल और लोग बह गए। घरों, दुकानों और सड़कों पर अब भी मलबा और पानी नजर आ रहा है। डालनवाला इलाके में अब भी आपदा के निशां नजर आ रहे हैं। लोग अब भी घरों से मलबा और गंदगी निकालने में जुटे हैं।

जेसीबी से मलबा निकाला जा रहा है। इस भीषण आपदा में अब तक 30 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। जबकि 10 लोग अब भी लापता हैं। आपदा के बाद से ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस बल लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। देहरादून के जिलाधिकारी रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लेने मौके पर पहुंच रहे हैं और अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल एवं जिला स्तरीय अधिकारियों, कार्मिकों ने आपदा प्रभावित क्षेत्र फुलेत, छमरोली, सिमयारा, क्यारा का भ्रमण किया। दूरस्थ गांवों मं में पहुंचने पर ग्रामवासियों ने जिलाधिकारी से भोजन करने का अनुरोध किया जिस पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने अन्य अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर सामूहिक भोजन किया।
जिलाधिकारी ने जल्द ही सभी व्यवस्थाओं एवं मूलभूत सुविधाओं को सुचारू कर दिया जाएगा। साथ ही डीएम ने ग्रामीणों से कहा कि जल्द ही गांव में बहुउद्देशीय शिविर लगाकर गांव वासियों की समस्याओं का एक ही छत के नीचे समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।
देहरादून भीषण आपदा से गुजर रहा जहां कई इलाके सम्पर्क से कट हो गए हैं। जिले के कार्लीगाड, मजाड़, सहस्त्रधारा, मालदेवता, फुलेत, छमरोली, सिमयारा, सिल्ला, सिरोना, क्यारा गांव भीषण आपदा से जूझ रहे हैं। जिलाधिकारी ने कार्लीगाड, मजाड़ में रेस्क्यू आपरेशन तथा मालदेवता रोड वाशआउट रोड कार्य और मसूरी में आवागमन सुचारू करवाया। इन कार्यों की डीएम स्वयं माॅनिटिरिंग कर रहे हैं।
फुलेत, छमरोली, सिल्ला, क्यारा, सिमयारी सड़क वाशआउट हो गए, जहां सिर्फ हेली से सामान पहुंचाया जा रहा है। जिलाधिकारी ने हेली सेवा का विकल्प छोड़ विकट सड़क मीलों पैदल मार्ग को चुना और मालदेवता से सेरकी-सिल्ला, भैंसवाड़ गांव छमरोली के कुछ हिस्से तक विकट सड़क तथा उसके बाद लगभग 12 किमी गांव-गांव पदैल चल घर से लेकर खेत-खलियान तक आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया। डीएम अब भी मोर्चे पर डटे हुए हैं।












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