उत्तराखंड में डेंगू का कहर, पूरा महकमा जुटा अभियान में, स्वास्थ्य सचिव ने यहां लगाई अफसरों की क्लास
उत्तराखंड में डेंगू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। देहरादून में ही डेंगू के 600 से ज्यादा मामले आ चुके हैं। सरकार से लेकर शासन स्तर तक डेंगू के खिलाफ जमकर अभियान चलाया जा रहा है।
उत्तराखंड में डेंगू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। देहरादून में ही डेंगू के 600 से ज्यादा मामले आ चुके हैं। सरकार से लेकर शासन स्तर तक डेंगू के खिलाफ जमकर अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार हरिद्वार जिला अस्पताल,जिला महिला अस्पताल और उपजिला मेला अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे जबकि देहरादून में डीएम सोनिका के निर्देश पर जिला स्तरीय टीम अस्पतालों और लैब का निरीक्षण करने पहुंचे। सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह ने दून मेडिकल कॉलेज में ब्लड बैंक और डेंगू वार्ड का निरीक्षण किया। इसके अलावा जिले के निजी अस्पतालों का भी औचक निरीक्षण किया।

स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने आज हरिद्वार जिला अस्पताल,जिला महिला अस्पताल और उपजिला मेला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने जनपद में डेंगू रोकथाम अभियान का जायजा लिया। निरीक्षण में खामियों पर स्वास्थ्य सचिव ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए व्यवस्थायें जल्द दुरूस्त करने के निर्देश दिये। अस्पतालों में सफाई व्यवस्थाओं पर भी सचिव स्वास्थ्य ने कड़ी नाराजगी जाहिर की।
सचिव ने अस्पतालों में डेंगू मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत की और व्यवस्थाएं परखीं। डॉ आर राजेश कुमार ने सभी चिकित्सालयों में डेंगू मरीजों के लिए अतिरिक्त बैड की व्यवस्था रखने, आइसोलेशन वार्ड बनाने तथा त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। इसके बाद स्वास्थ्य सचिव ने जिला महिला चिकित्सालय के एमसीएच विंग का निरीक्षण किया और एक माह के अंदर कार्य पूर्ण करने के निर्देश कार्यदायी संस्था को दिये। ताकि जनता को इसका लाभ जल्द से जल्द मिलने लगे।
इसके साथ ही उन्होंने उपजिला मेला चिकित्सालय के जिरियाट्रिक वार्ड का भी निरीक्षण किया। स्वास्थ्य सचिव ने हरिद्वार में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का भी निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा यह कॉलेज भविष्य में हरिद्वार के लिये वरदान साबित होगा। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के बनने के बाद जहां स्वास्थ्य सुविधाओं में ईजाफा होगा। वहीं मेडिकल की शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए अवसर बढ जायेंगे। उन्होंने कहा मेडिकल कॉलेज के खुलने से आस-पास के स्थानीय लोगों के लिए कई तरह के रोजगार के अवसर भी बढेंगे।












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