Dehradun: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शौर्य स्थल का किया उद्घाटन

देहरादून में शौर्य स्थल का रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उद्घाटन किया। उत्तराखंड वार मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से बनाए गए शौर्य स्थल पर प्रदेश के सभी बलिदानी सैनिकों के नाम अंकित हैं।

dehradun Defense Minister Rajnath Singh Chief Minister Pushkar Singh Dhami inaugurated Shaurya Sthal

केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को चीड़बाग, देहरादून स्थित शौर्य स्थल का उद्घाटन किया। केन्द्रीय रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री ने शौर्य स्थल पर पुष्प चक्र अर्पित कर उत्तराखण्ड के वीरगति प्राप्त योद्धाओं को श्रद्धांजलि दी। केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शौर्य स्थल का अवलोकन किया एवं शहीदों के परिजनों से मुलाकात भी की।

वेटरन रैली में हिस्सा लिया

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    इससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, डोईवाला विधायक बृज भूषण गैरोला, कैंट विधायक सविता कपूर, जिलाधिकारी सोनिका, एसएसपी दिलीप कुमार आदि ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का स्वागत किया। इस दौरान सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, जनरल अनिल चौहान सीडीएस , सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, पूर्व राज्यसभा सांसद तरूण विजय एवं मेजर जनरल संजीव खत्री ने भी उत्तराखण्ड के वीरगति प्राप्त योद्धाओं को श्रद्धांजलि दी। उत्तराखंड वार मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से बनाए गए इस शौर्य स्थल पर प्रदेश के सभी बलिदानी सैनिकों के नाम अंकित हैं। इस दौरान रक्षामंत्री ने कहा कि जब भी इस देश को जरूरत पड़ी है, उत्तराखंड के वीरों ने देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए अपने अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया है। बता दें कि देहरादून में भव्य शौर्य स्थल बनाया गया है। इस शौर्य स्थल को अत्याधुनिक बनाया गया है। जिसमें हमारे वीर जवानों की वीरता की झलक दिखती है। चारों ओर से कई मीटर ऊंचे चीड़ के पेड़ों के बीच शहीद सैनिकों की शहादत को दर्शता एक स्मारक जिसमें तीनों सेनाओं के झंड़े के साथ कई फीट ऊंचा तिरंगा फहरा रहा है। इसके साथ ही 1971 में भारत-पाक युद्ध का हीरो रहा विजयंत टैंक भी यहां पहुंच चुका है। शौर्य स्थल का लोकार्पण करने के बाद रक्षा मंत्री शहीद जसवंत सिंह मैदान में वेटरन रैली में हिस्सा लिया।

    'सॉल ऑफ स्टील' अल्पाइन चैलेंज का विधिवत शुभारंभ

    केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन को बढावा देने के लिए 'सॉल ऑफ स्टील' अल्पाइन चैलेंज का विधिवत शुभारंभ किया। चमोली जनपद के नीती गांव के लिए 460 किलोमीटर लंबी कार रैली 'रोड़ टू द एंड' को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को जसवंत ग्राउण्ड में आयोजित 7वां सशस्त्र सेना पूर्व सैनिक दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान उत्तराखंड राज्य के सैनिकों ने दुश्मन के खिलाफ मजबूती से खड़े होकर और अडिग भावना के साथ देश की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सशस्त्र बलों के जवानों के साहस और बलिदान के कारण, हमारे नागरिक सुरक्षित महसूस करते हैं और अपना सिर ऊंचा करके चलते हैं। "हमारे बहादुर सैनिकों ने दुनिया भर में भारत की छवि को एक शक्तिशाली और सम्मानित राष्ट्र के रूप में बदलने में बहुत बड़ा योगदान दिया है। हमारे जवान हमारी एकता और अखंडता के रक्षक हैं। हम चैन से सोते हैं क्योंकि हमारे जवान सीमा पर रात दिन चौकस हैं। केंद्रीय रक्षामंत्री ने कहा कि पूर्व सैनिकों को प्रदान की जा रही पेंशन, चिकित्सा और अन्य सुविधाएं उनके द्वारा किए गए बलिदान और प्रतिबद्धता के प्रति देश के सम्मान का एक छोटा सा प्रतीक हैं। पूर्व सैनिकों के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, केंद्रीय रक्षामंत्री ने कहा कि पूर्व सैनिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए रक्षा पेंशन शिकायत निवारण पोर्टल का शुभारंभ किया गया है। कहा कि लोग पोर्टल के जरिए सशस्त्र सेना युद्ध हताहत कल्याण कोष में योगदान कर सकते हैं। उन्होंने इसे पूर्व सैनिकों के कल्याणकारी प्रयासों से नागरिकों को जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने सभी भूतपूर्व सैनिकों और सशस्त्र सेना के सेवारत कर्मियों को उनके समर्पण और वीरता के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

    दिसम्बर माह तक सैन्यधाम का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सैन्यधाम का रक्षामंत्री ने विधिवत् रूप से शिलान्यास किया था, जिस पर तेजी से कार्य चल रहा है। इस वर्ष दिसम्बर माह तक सैन्यधाम का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र सर्वोपरि की भावना से ओतप्रोत वीर सैनिकों ने देश की आनबान और शान को हमेशा अक्षुण रखने का कार्य किया है। भारत की सेना हमेशा विश्व की शक्तिशाली सेनाओं में से एक रही है। हमारे देश के वीर सैनिकों ने आजादी के बाद हुए प्रत्येक संघर्ष में अपने शौर्य और पराक्रम का परिचय देते हुए दुश्मन के छक्के छुड़ाने का काम किया है। देवभूमि उत्तराखण्ड ने अपने वीर सपूत देश को दिए हैं, जिन्होंने अदम्य साहस विश्व को दिखाया है। शान्ति का उपदेश देने वाली भारत की पुण्यभूमि समय आने पर शौर्य एवं पराक्रम द्वारा दुश्मनों को मुहतोड़ जवाब देने की क्षमता रखती है। आज सम्पूर्ण विश्व भारत की शक्ति एवं सामर्थ्य से परिचित है, जिसका परिणाम है कि कोई भी दुश्मन हमारी ओर उंगली उठाने का साहस नहीं करता है। आज सैनिक दुश्मनों की गोली का जवाब गोलों से दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सैनिकों के कल्याण के लिए जितने भी मामले आते हैं उस पर निरंतर कार्य करने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार द्वारा गैलेंटरी अवार्ड विजेताओं की सम्मान राशि बढाने का काम किया है। उन्होंने कैन्टोमेंट बोर्ड की वेस्ट टू वैन्डर पहल कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल राजधानी को सुन्दर बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। सरकार का प्रयास रहा है कि आने वाली पीढ़ी सेना के पराक्रम वीरता से भली भांति परिचित हो सके इसको ध्यान में रखते हुए आज शौर्य स्थल का विधिवत् उद्घाटन हुआ है। रक्षामंत्री, मुख्यमंत्री व अन्य गणमान्य ने परिसर में उपस्थित पूर्व सैनिकों के पास जाकर उनके मुलाकात की तथा उनके साथ जलपान किया।

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