रूद्रप्रयाग के गांवों में बोर्ड लगने से हो गया विवाद,गैर हिंदुओं-रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर आपत्ति, अब हुआ ये
उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग जिले में कई गांवों में आपत्तिजनक बोर्ड लगने से विवाद खड़ा हो गया। इसके बाद प्रशासन ने इन बोर्ड को उतरवा दिए हैं। जिसके बाद सही शब्दों का प्रयोग करने को कहा गया है। रुद्रप्रयाग जिले के न्यालसू, रविग्राम और शेरसी सहित कई ग्रामसभाओं में एंट्री पर इस तरह के बोर्ड वायरल हुए।
रूद्रप्रयाग जिले में कईग्रामसभाओं के बाहर बोर्ड लगाया गया था, जिसमें लिखा था- गैर हिंदुओं/ रोहिंग्या मुसलमानों व फेरी वालों का गांव में व्यापार करना व फेरी लगाना वर्जित है। अगर गांव में कहीं भी मिलते हैं, तो दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रुद्रप्रयाग जिले के न्यालसू, रविग्राम और शेरसी सहित कई ग्रामसभाओं में एंट्री पर इस तरह के बोर्ड वायरल हुए। गैर-हिंदुओं और रोहिंग्याओं के प्रवेश पर रोक लगाने वाले बोर्ड वायरल होते ही प्रशासन ने हटवा दिए हैं। अब इनकी जगह पर दूसरे बोर्ड लगे हैं और उन पर लिखा है- बाहरी व्यक्तियों व फेरी वालों का गांव में व्यापार करना व घूमना वर्जित है। अगर गांव में कहीं भी मिलते हैं, तो दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पहाड़ों में लगातार धर्म विशेष के खिलाफ बीते कुछ समय से घटनाएं सामने आ रही है। जिसके बाद से ग्रामीणों का कहना है कि कई गांवों में बाहरी और संदिग्ध लोग पहुंच रहे हैं, जो खराब मोबाइल की मरम्मत करने सहित कपड़े व वर्तन बेचने की बात करते हैं। इनसे बात करो, तो इनके पास पहचान से जुड़ा कोई दस्तावेज नहीं होता हैं। ऐसे में कभी भी किसी के साथ कोई अनहोनी हो सकती है।
गांव के सभी लोगों को यह कहा गया कि अगर उन्हें कोई संदिग्ध दिखता है, तो उसके बारे में 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दें। गांव के प्रवेश द्वार पर जो बोर्ड लगाया गया है वह किसी धर्म विशेष को लेकर नहीं बल्कि बिना सत्यापन वाले बाहरी लोगों व फेरी वालों के लिए है। पुलिस की ओर से ऐसे लोगों को चिह्रित किया गया है कि केदारनाथ यात्रा और सामाजिक सौहार्द को देखते हुए इस तरह की कोई भी कार्य न करें, जिससे माहौल खराब हो।












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