Uttarakhand : कांग्रेस विधायक ने खुले मंच से प्रदेश अध्यक्ष को कही बड़ी बात, टिकट को लेकर भी पूछा, मच गया बवाल
Uttarakhand: उत्तराखंड में लगातार दो बार से लोकसभा की पांचों सीट गंवाने के बाद कांग्रेस इस बार नए जोश के साथ चुनावी मैदान में उतरने का ऐलान कर चुकी है। लेकिन जिस तरह पार्टी के विधायक ही खुले मंच से खरी-खरी सुना रहे और लोकसभा में दिए जाने वाले टिकटों को लेकर अभी से सवाल खड़े कर रहे हैं। उससे कांग्रेस के अंदर चल रही गुटबाजी और खेमेबाजी एक बार फिर सबके सामने आ गई है। ऐसे में कांग्रेस का मिशन लोकसभा अभी से खतरे में पड़ता हुआ नजर आ रहा है।

उत्तराखंड में कांग्रेस संगठन जिलों में जाकर पार्टी कार्यकर्ताओं को लोकसभा चुनाव के लिए तैयार रहने और रणनीति बनाने को सम्मेलन कर रही है। इसी क्रम में कांग्रेस ने पिथौरागढ़ में भी जिला स्तरीय सम्मेलन किया। जिसमें कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य भी मौजूद रहे। जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।
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कांग्रेस के जिला स्तरीय सम्मेलन में पिथौरागढ़ के विधायक मयूख महर ने मंच से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा के सामने ही ये सवाल पूछ लिया कि क्या इस बार लोकसभा में टिकट बदला जाएगा या नहीं। इतना ही नहीं विधायक ने प्रदेश अध्यक्ष को ये भी कह दिया कि अगर हमनें टिकट नहीं बदला तो हमनें इस बार सरेंडर कर दिया ये समझा जाए। विधायक महर ने मंच से कहा कि हमें फायर ब्रांड नेता चाहिए, न की पुराने चेहरे।
उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष के दौरे पर भी सवाल खड़े किए कि लोकसभा चुनाव को देखते हुए ही सीनियर नेता हमारे पास पहुंच रहे हैं। जबकि इस बीच किसी ने भी उनकी सुध नहीं ली। विधायक महर के मंच से उठाए गए सवाल के बाद कांग्रेस में हड़कंप मचा हुआ है।
साफ है कि अल्मोड़ा सीट पर पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा का पार्टी के अंदर विरोध शुरू हो गया है। जो कि आने वाले समय में कांग्रेस के लिए चुनौती खड़ी कर सकते हैं। विधायक मयूख महर के इस तरह खुले मंच से विरोध करने और टिकट को लेकर अभी से स्थिति स्पष्ट करने को लेकर प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने मंच से ही नाराजगी जताई और इस तरीके को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में टिकट किसे देना है ये पार्टी तय करती है। हमें भाजपा के सांसद और उनके कार्यकाल के फेलियर को बताना चाहिए नकी अपनी पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोला जाए।
तना ही नहीं उन्होंने संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आज हमें फायरफ्रैंड नेता चाहिए जो पानी में आग लगा दे
अगर हमने सरेंडर कर
क्या चेहरा बदला जाएगा
कांग्रेस की क्या रणनीति चाहिए
लोकसभा चुनाव के लिए सोच क्या है
आज तक नहीं आए चुनाव आ रहे इसलिए आ रहे हैं












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