कांग्रेस नेता हरक सिंह ने किया स्वीकार, चुनाव में नजर आई मोदी लहर, जानिए बयान के सियासी मायने
कांग्रेस नेता हरक सिंह का बयान, चुनाव में दिखी है मोदी लहर
देहरादून, 19 फरवरी। चुनाव से पहले भाजपा छोड़ कांग्रेस का दामन थामने वाले हरक सिंह रावत ने मतदाताओं के रुझान को लेकर बड़ा बयान दिया है। हरक सिंह रावत का कहना है कि चुनाव में मोदी लहर दिखी है। हालांकि उन्होंने ये भी दावा किया है कि कांग्रेस सरकार बना रही है। हरक सिंह ने इस बार खुद विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ा है। लेकिन वे कांग्रेस के स्टार प्रचारक की तरह पहाड़ों में घूमते रहे हैं। ऐसे में हरक सिंह के इस बयान के भी कई सियासी मायने निकाले जाने लगे हैं।

इस बार चुनाव नहीं लड़े हरक सिंह
2017 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा ज्वाइन करने के बाद 5 साल तक सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे हरक सिंह ने चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस का दामन थाम लिया। हालांकि कांग्रेस ने हरक सिंह रावत को टिकट न देकर उनकी बहू अनुकृति गुंसाई को लैंसडाउन से चुनाव लड़वाया है। अब हरक सिंह रावत की भूमिका क्या होगी। इस पर भी नई बहस छिड़ी हुई है। फिलहाल हरक सिंह रावत ने कांग्रेस के स्टार प्रचारक की भूमिका निभाई है। अब हरक सिंह रावत पहाड़ों में घूमने के बाद चुनाव की थकान को मिटा रहे हैं। इस बीच हरक सिंह रावत से जब चुनाव को लेकर फीडबैके लिया गया तो हरक सिंह ने कहा कि मोदी लहर भी चुनाव में नजर आई है। हरक सिंह ने कहा कि प्रत्याशियों को उनके काम और चेहरे पर कम ही वोट पड़े हैं। हरक का दावा है कि भाजपा के कार्यकर्ता ही भाजपा सरकार से नाराज दिखे, जो कि 5 साल तक रोजगार और महंगाई से परेशान दिखे, इस वजह से चुनाव में भी वे उत्साहित नजर नहीं आए। हरक का दावा है कि कांग्रेस के कार्यकर्ता महंगाई और रोजगार को लेकर सरकार से नाराज होकर वोट देने निकले हैं। जो कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाने का संकेत है।
मोदी लहर या महंगाई रोजगार पर पड़ा वोट
हरक सिंह के मोदी लहर बयान के भी कई सियासी मायने निकाले जाने लगे हैं। जिस तरह का मत प्रतिशत सामने आया है। वो लगभग 2017 की तरह ही रहा है। 2017 में भाजपा की प्रचंड बहुमत की सरकार आई थी। लेकिन इस बार वोटर किस मुद्दे पर चोट करने निकले थे, इसका जबाव किसी के पास नहीं है। सियासी दल ही नहीं राजनीति के जानकार भी जनता के मूड को भांपने में अभी तक सफल नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में हर कोई अपने दावे कर रहे हैं। हरक सिंह के बयान के भी सियासी मायने निकाले जाने लगे हैं। ये बात स्वीकार की जा रही है कि पहाड़ों में कई जगह मोदी लहर का असर दिखा है। ऐसे में सवाल ये भी है कि क्या मोदी लहर वोट बैंक में बदली है। अगर ऐसा हुआ है तो फिर भाजपा को इसका राजनीतिक लाभ मिलना तय है। हालांकि कांग्रेस महंगाई और रोजगार को बड़ा मुद्दा मानकर इसका चुनावी परिणाम भी रिजल्ट में दिखने का दावा कर रही है। अब देखना दिलचस्प है कि 10 मार्च को जब रिजल्ट आता है तो क्या मोदी लहर नजर आती है या फिर महंगाई और रोजगार के मुद्दे पर जनता ने वोट की चोट की है।












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