Uttarakhand congress भारत जोड़ो यात्रा के बीच उत्तराखंड में गुटबाजी हावी, तीन तस्वीरें बयां कर रही जमीनी हकीकत
हरदा, प्रीतम, संगठन अपने अंदाज में निभा रहे विपक्ष की भूमिका
उत्तराखंड कांग्रेस में एक बार फिर गुटबाजी चरम पर है। कांग्रेस के दिग्गज नेता अपने-अपने तरीके से प्रदेश के मुद्दों को उठा रहे हैं, लेकिन एक मंच पर नजर नहीं आ रहे हैं। जिससे साफ है कि कांग्रेस में अंदरखाने वर्चस्व की जंग अब भी जारी है। एक तरफ प्रदेश संगठन के अध्यक्ष करन माहरा और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य है। तो दूसरी हरीश रावत और पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल नजर आ रहे हैं। जबकि पूर्व अध्यक्ष और पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह अपने तरीके से प्रदेश के मुद्दों को उठा रहे हैं। जिससे साफ है कि कांग्रेस में अंदरखाने कुछ भी ठीक नहीं है।

भारत जोड़ो यात्रा से गायब रहे बड़े चेहरे
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और बड़े चेहरे राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा चला रहे हैं। लेकिन उत्तराखंड में कांग्रेस एकजुट नजर नहीं आ रही है।उत्तराखंड में कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा के पहले चरण का आगाज चमोली के सीमांत गांव माणा से शुरू हो गई। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, विधानसभा के उपनेता भुवन कापड़ी, प्रदेश कांग्रेस संगठन के उपाध्यक्ष मथुरा दत्त जोशी सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने माणा गांव पहुंकर यात्रा की शुरुआत की। लेकिन यात्रा के शुभारंभ के मौके पर कांग्रेस के बड़े चेहरे नजर न आने से एक बार फिर कांग्रेस की गुटबाजी खुलकर सामने आ गई। भारत जोड़ो यात्रा के शुभारंभ के मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह, बदरीनाथ विधायक राजेंद्र भंडारी, मनीष खंडूड़ी समेत कई बड़े नेता भारत जोड़ो रैली में नहीं दिखे। प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव भी रैली में शामिल नहीं हो पाए। लेकिन जिस तरह कांग्रेस के बड़े और दिग्गज चेहरे रैली में नजर नहीं आए उससे साफ है कि कांग्रेस के अंदर कुछ भी सही नहीं चल रहा है।

हरीश रावत ने देहरादून में कैंडल मार्च में शिरकत की
पूर्व सीएम हरीश रावत ने गुरूवार को महिला कांग्रेस की और से आयोजित कार्यक्रम में देहरादून में जरूर शिरकत की। हरीश रावत देहरादून में उत्तराखंड की बेटियो के न्याय के लिए घंटाघर पर निकाला गया कैंडल मार्च में शामिल हुए। इसके अगले दिन हरीश रावत ने दिल्ली में भी विरोध प्रदर्शन में शिरकत की। लेकिन जिस तरह से कांग्रेस में तीन खेमे नजर आ रहे हैं। उससे साफ है कि कांग्रेस के लिए आने वाले दिनों में एक बार फिर एकजुट होना आसान नहीं है।

प्रीतम सिंह का 21 नवंबर को सचिवालय घेराव करने का ऐलान
कांग्रेस के बड़े नेता और पूर्व अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष रहे प्रीतम सिंह ने भर्ती परीक्षाओं में धांधली, विधानसभा भर्ती प्रकरण, अंकिता भंडारी हत्याकांड, हरिद्वार पंचायत चुनाव में धांधली जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस 21 नवंबर को सचिवालय घेराव करने का ऐलान किया है। प्रीतम सिंह ने कहा कि इसके लिए पार्टी स्तर से बड़े पैमाने पर तैयारी की जा रही है। प्रीतम सिंह ने कहा कि भर्तियों में धांधली की जांच ठीक प्रकार से नहीं की जा रही है। लचर जांच के चलते मामले में लिप्त आरोपियों को लगातार जमानत मिल रही है। कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में अब तक सरकार वीवीआईपी का नाम उजागर नहीं कर पाई है। कांग्रेस पहले दिन से इन मामलों में हाईकोर्ट के सीटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग कर रही है। प्रीतम ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी है। इन सब मसलों को लेकर कांग्रेस 21 नवंबर को सचिवालय के बाहर धरना प्रदर्शन कर सरकार को चेताने का काम करेगी। इस दौरान प्रीतम सिंह के साथ प्रतापनगर के विधायक विक्रम सिंह, गंगोत्री के पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण, राजपुर के पूर्व विधायक राजकुमार नजर आए।












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