क्राइम ब्रांच के अधिकारी बनकर ठगने वाले राजस्थान के कोटा से दबोचे,डिजिटल अरेस्ट के मामले में पहली बार कार्रवाई
क्राइम ब्रांच मुम्बई के अधिकारी बन कर लोगों को डरा धमकाकर लाखों करोड़ों रुपए ठगने वाले गिरोह का एसटीएफ ने पर्दाफाश किया है। तीनों आरोपी राजस्थान से पकड़े गए हैं।
गिरफ्तार आरोपी दुबई से गिरोह चलाते थे जहां उनके गिरोह के सदस्यों ने दुबई से पैसे निकाले। यह उत्तराखंड पुलिस द्वारा पर्दाफाश किया गया पहला डिजिटल गिरफ्तारी प्रकरण है। पुलिस ने 3 अभियुक्तों को कोटा, राजस्थान से गिरफ्तार किया गया।

एसटीएफ के एसएसपी आयुष अग्रवाल ने बताया कि विगत दिनो देहरादून निवासी एक वरिष्ठ नागरिक के साथ गिरोह ने धोखाधड़ी की थी। जिन्होंने अवैध पासपोर्ट, क्रेडिट कार्ड आदि सीज करने की जानकारी देते हुए वीडियो कॉल पर डिजिटली अरेस्ट रखा।
उन्होंने शिकायतकर्ता को मनीलान्ड्रिंग, ड्रग्स तस्करी, व पहचान छुपाने का संदिग्ध बताकर व नोटिस भेजकर शिकायकर्ता के नाम से चल रहे खातो में 38 मिलीयन का अवैध ट्रांजैक्शन होने का आरोप लगाया। इसके बाद पीड़ित को डरा धमकाकर फर्जी मुंबई क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर पीडित से 1 करोड 13 लाख रुपए भिन्न भिन्न बैंक खातो में ट्रांसफर कराए।
पूछताछ में अभियुक्तगणों द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा मुम्बई काईम ब्रांच का अधिकारी बनकर मुम्बई कस्टम द्वारा अवैध पासपोर्ट, केडिट कार्ड सीज करने की जानकारी देकर लोगों को मनीलांड्रिंग, इग्स तस्करी का संदिग्ध बताकर व लोगों को फर्जी नोटिस भेजकर धोखाधड़ी की जाती है। जिसके लिये उनके द्वारा स्वयं को मुम्बई क्राईम ब्रांच का अधिकारी बनकर लोंगों को झांसा देकर भिन्न भिन्न एकाउन्ट में धनराशि जमा कराकर ठगी की गई है।
गिरफ्तार अभियुक्त का नाम
- राकेश पुत्र रमेश चन्द निवासी अजापुरा थाना-शोकुर, मध्य प्रदेश हाल गुजरों का मौहल्ला निकट शीतला माता मन्दिर थाना इटावा, जिला कोटा, राजस्थान। उम्र 30 वर्ष
- दीपक लक्षकार पुत्र किशन कुमार लक्षकार निवासी गुजरों का मौहल्ला निकट शीतला माता मन्दिर थाना- इटावा, जिला कोटा, राजस्थान। उम्र 26 वर्ष
- आसिफ अली पुत्र ख्वाजा मौहम्मद निवासी जामा मस्जिद के पास, इटावा, थाना- इटावा, जिला- कोटा, राजस्थान। उम्र 27 वर्ष












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