Char dham yatra: श्रद्धालुओं के हेल्थ चेकअप के लिए सरकार ने बनाई ये प्लानिंग, पैदल मार्ग पर ये रहेगी व्यवस्था
केदारनाथ व यमुनोत्री धाम के पैदल मार्ग पर हर एक किलोमीटर पर स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। जिसमें मेडिकल कॉलेजों के फैकल्टी डॉक्टर भी चारधाम यात्रा में तैनात किए जाएंगे।

चारधाम यात्रा को लेकर राज्य सरकार की और से तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी हैं। सरकार इस बार स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी पूरा फोकस कर रही है। पिछले यात्रा सीजन में यात्रियों की मौत का आंकड़ा बढ़ने की वजह से व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए गए थे, लेकिन इस बार स्वास्थ्य विभाग की और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर प्रयास शुरू हो गए हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने धामों में पैदल यात्रा मागों पर फोकस किया है।
यात्रियों को ज्यादा सतर्क रहने की जरुरत
सारे तीर्थ स्थल उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित है, जिनकी ऊंचाई समुद्र तल से 2700 मी0 से भी अधिक है। ऐसे में यात्रियों को ज्यादा सतर्क रहने की जरुरत होती है। केदारनाथ व यमुनोत्री में ही पैदल मार्ग है। विभाग का कहना है कि केदारनाथ व यमुनोत्री धाम के पैदल मार्ग पर हर एक किलोमीटर पर स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। जिसमें मेडिकल कॉलेजों के फैकल्टी डॉक्टर भी चारधाम यात्रा में तैनात किए जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने बताया कि 22 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा को लेकर सरकार ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। मंत्री का कहना है कि चारधाम यात्रा में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार को एयर एंबुलेंस की सुविधा दिए जाने का प्रस्ताव दिया गया था। इसे केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया है। यात्रा के दौरान सरकार और एम्स ऋषिकेश संयुक्त रूप से एयर एंबुलेंस संचालित करेंगे।
तत्काल एयर एंबुलेंस से पहुंचाया जा सकता है
केदारनाथ धाम के पैदल मार्ग पर यदि किसी की तबीयत खराब होती है तो उसे तत्काल एयर एंबुलेंस से एम्स ऋषिकेश या श्रीनगर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया जा सकता है। स्वास्थ्य शिविरों में डॉक्टरों, विशेषज्ञ डॉक्टर और ऑक्सीजन सिलिंडर की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय और उत्तराखंड सरकार के साझा प्रयासों से अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक प्रदेश का पहला हेली एंबुलेंस पायलट प्रोजेक्ट शुरू होने जा रहा है। इसके लिए एक कंपनी से अनुबंध भी कर लिया गया है। उत्तराखंड में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के दृष्टिगत यह महत्वपूर्ण कदम है। इससे पहले सरकार ने पैदल चलने वाले यात्रियों की मॉनिटरिंग और यात्रा में जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एसओपी जारी करने की बात की है।
श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग करने का फैसला
पिछले सीजन में केदारनाथ और यमुनोत्री धाम के पैदल मार्ग पर हार्ट अटैक से 300 से अधिक श्रद्धालुओं की मौत हुई थी। ऐसे में इस बार यात्रियों की स्वास्थ्य संबंधित जरुरी कदम और श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग करने का फैसला लिया गया है। इसके साथ ही बहुत ज्यादा सफर करने वाले यात्रियों को एक दिन का आराम कराने पर भी विचार किया जा रहा है। चारधाम यात्रा का आगाज 22 अप्रैल 2023 से होगा। केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय हो गई है। 26 को बाबा केदारनाथ और 27को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। ऐसे में यात्रा के लिए अब दो माह का समय बचा हुआ है। 20 मार्च के बाद यमुनोत्री व गंगोत्री धाम के लिए पंजीकरण शुरू हो सकता है। नवरात्र में मंदिर समितियों की ओर से गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित की जाएगी। इसके बाद ही पर्यटन विभाग दोनों धामों के लिए पंजीकरण शुरू करेगा।
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