Char Dham yatra 2025 आईएएस के बाद अब आईपीएस अधिकारी भी परखेंगे व्यवस्थाएं, जानिए क्या है सरकार की प्लानिंग
Char Dham yatra 2025 चार धाम यात्रा 2025 का श्रीगणेश होने का काउंटडाउन शुरू हो गया है। 30 अप्रैल को गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलते ही यात्रा शुरू होगी। जिसके लिए हर स्तर से तैयारियां पूरी करने की कोशिश की जा रही है। शासन की ओर से पहले ही चारों धामों में चार आईएएस अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है।
अब चारों धामों में पुलिस महानिरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। जो कि सभी व्यवस्थाओं की 25 अप्रैल तक रिपोर्ट देंगे। 22 अप्रैल को चारों अधिकारी अपने अपने धाम में इंतजाम को लेकर निरीक्षण करेंगे। इसके अलावा 9 एएसपी और डीएसपी भी विभिन्न जिलों में अपनी ड्यूटी करेंगे।

30 अप्रैल से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा के लिए लाखों यात्रियों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है। जानकारी के अनुसार, चारधाम यात्रा के लिए अब तक 19 लाख से अधिक यात्रियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के लिए 3-3 लाख से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है, जबकि केदारनाथ के लिए सबसे अधिक रजिस्ट्रेशन हुआ है।
केदारनाथ के लिए अब तक लगभग 6 लाख 48 हजार से ज्यादा लोगों ने अपना रजिस्ट्रेशन किया है। इसके अलावा, बदरीनाथ धाम के लिए 5 लाख 74 हजार से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन किया है। हेमकुंड साहिब जाने के लिए भी 32 हजार से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन किया है। चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं को लेकर सीएम धामी खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि जन शिकायतों का शीघ्रता से समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, जिससे शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे। आगामी चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, होटल व्यवसायियों तथा अन्य हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने सभी विभागीय सचिवों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा के दौरान विभागों और जिला प्रशासन के स्तर पर सभी व्यवस्थाएं बेहतर बनाई जाए। चारधाम यात्रा आस्था का प्रमुख केन्द्र होने के साथ ही स्थानीय लोगों की आजीविका से भी जुड़ी है। चारधाम यात्रा से जुड़े सभी हितधारकों से निरन्तर समन्वय बनाने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिये हैं।
चारधाम यात्रा को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए जन सहयोग भी लिया जाए। यात्रा मार्गों पर स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और यात्री सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी चारधाम यात्रा को लेकर ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को परेशानी न हो।












Click it and Unblock the Notifications