Uttarakhand cabinet decision: ऋषिकेश से नीलकंठ मंदिर रोपवे प्रोजेक्ट को मंजूरी, जानिए खास बातें

धामी कैबिनेट ने ऋषिकेश से नीलकंठ मंदिर रोपवे प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है। ऋषिकेश से नीलकंठ मंदिर रोपवे प्रोजेक्ट में चार स्टेशन बनाए जाएंगे। रोपवे बन जाने के बाद 21 मिनट में ऋषिकेश के नीलकंठ महादेव मंदिर पहुंच जाएंगे।

cabinet decision Neelkanth temple ropeway project approved from Rishikesh pushkar dhami

उत्तराखंड की धामी सरकार कैबिनेट ने ऋषिकेश से नीलकंठ मंदिर रोपवे प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है। इससे श्रद्धालुओं को आसानी से महादेव के दर्शन हो पाएंगे। ऋषिकेश से नीलकंठ मंदिर रोपवे प्रोजेक्ट में चार स्टेशन बनाए जाएंगे। पहला स्टेशन ऋषिकेश आईएसबीटी, दूसरा त्रिवेणी और तीसरा स्टेशन नीलकंठ की पहाड़ी पर स्थित पार्वती माता मंदिर होगा। चौथा स्टेशन नीलकंठ मंदिर के पास होगा।

सड़क मार्ग से दूरी 36 किलोमीटर
कुल 6.5 किलोमीटर लंबे इस स्टेशन पर 465 करोड रुपए की लागत आएगी और यह प्रोजेक्ट पीपीपी मोड में चलाया जाएगा। ऋषिकेश के प्रसिद्ध नीलकंठ महादेव मंदिर जाने के लिए अब भक्तों की राह आसान होगी। ऋषिकेश के प्रसिद्ध नीलकंठ महादेव मंदिर की सड़क मार्ग से दूरी 36 किलोमीटर है। रोपवे बन जाने के बाद 21 मिनट में ऋषिकेश के नीलकंठ महादेव मंदिर पहुंच जाएंगे।

डेढ़ से दो घंटे का समय लग जाता है
नीलकंठ महादेव मंदिर में सावन और शिवरात्रि में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। ऐसे में पार्किंग के अभाव में जाम और तमाम समस्याओं के कारण लोगों को डेढ़ से दो घंटे का समय लग जाता है। ऋषिकेश में नीलकंठ महादेव मंदिर भगवान शिव को समर्पित सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह मंदिर लगभग 5500 फुट की ऊंचाई पर स्वर्ग आश्रम की पहाड़ी की चोटी पर स्थित है।

समुद्र मंथन से निकला विष ग्रहण किया था
मुनि की रेती से नीलकंठ महादेव मंदिर सड़क मार्ग से 50 किलोमीटर स्थित है। मान्यता है कि भगवान शिव ने इसी स्थान पर समुद्र मंथन से निकला विष ग्रहण किया था। उसी समय उनकी पत्नी पार्वती ने उनका गला दबाया जिससे विष उनके पेट तक न पहुंचे। इस तरह विष उनके गले में बना रहा। विषपान के बाद विष के प्रभाव से उनका गला नीला पड़ गया था। गला नीला पड़ने के कारण ही उन्हें नीलकंठ नाम से जाना जाता है।

सामने की पहाड़ी पर पार्वती जी का मंदिर
मंदिर परिसर में पानी का एक झरना है जहां भक्तगण मंदिर के दर्शन करने से पहले स्नान करते हैं। नीलकंठ महादेव मंदिर अत्यन्त मनोहारी मंदिर शिखर के तल पर समुद्र मंथन के दृश्य को चित्रित किया गया है और गर्भ गृह के प्रवेश.द्वार पर एक विशाल पेंटिंग में भगवान शिव को विष पीते हुए भी दिखलाया गया है। सामने की पहाड़ी पर पार्वती जी का मंदिर है।

Recommended Video

    Uttarakhand में मजारों पर चलेगा बुलडोजर, CM Pushkar Dhami ने किया बड़ा ऐलान | वनइंडिया हिंदी

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+