बिहार के सीएम नीतीश कुमार के विवादित बयान को लेकर भाजपा ने मांगा इस्तीफा, कहा-गलत संगत से बिगड़े संस्कार
उत्तराखंड में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विवादित बयान को लेकर बवाल हो गया है। भाजपा महिला मोर्चा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का इस्तीफा मांगा है। नारी शक्ति के खिलाफ विवादित बयान देने पर उत्तराखंड भाजपा महिला मोर्चा ने कड़ी नाराजगी जताई है।

उत्तराखंड भाजपा महिला मोर्चा ने कड़ी आपत्ति जताते हुए उनके बयान की घोर निंदा की है। भाजपा महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आशा नौटियाल ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नारी शक्ति अपमानित करने वाला विवादित बयान है उन्हें अपने पद से तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। उनका यह बयान उनकी मानसिकता को दर्शाता है। उनके बयान पर महिलाओं में खास आक्रोश है जिसके चलते उत्तराखंड भाजपा महिला मोर्चा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला फूंकेगी।
उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार महिला सशक्तिकरण की दिशा में कई ऐतिहासिक कदम उठाया है नारी वंदन उनमें से एक है । मगर कितना दुर्भाग्यपूर्ण है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिला विरोधी मानसिकता दिखाई है यह नारी समाज के विरुद्ध है। उनका कहना है कि विधानसभा किसी भी प्रदेश का सर्वोच्च लोकतांत्रिक सदन होता है।
ऐसे में उन्हें अपने पद और अपनी गरिमा का भी ख्याल नहीं रखा। जिस तरह से उन्होंने अपने पद और गरिमा के खिलाफ जाकर विवादित बयान दिया है यह निंदनीय है नारी शक्ति का अपमान करने वाला बयान है। इससे स्पष्ट होता है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार किस दूषित मानसिकता का शिकार हैं। महिलाओं के प्रति उनकी क्या सोच है ?
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने नीतीश कुमार की महिलाओं को लेकर की गई टिप्पणी को बेहद शर्मनाक और मातृ शक्ति के अपमान की पराकाष्ठा बताया है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, कांग्रेस और उनके सहयोगियों के व्यवहार में तो अभद्र भाषा पहले से शामिल थी ही, अब उनकी गलत संगत में नीतीश के संस्कार भी बिगड़े हैं।
साथ ही इसपर प्रदेश के विपक्षी नेताओं की चुप्पी को भी शर्मनाक बताया। भट्ट ने बिहार सीएम के बयान पर आक्रोश जताते हुए इसे इंडी गठबंधन के असली चरित्र बताया है। उन्होंने कहा, सबसे दुखद और अपमानजनक बात है कि ये सब अश्लील टिप्पणी उन्होंने विधानसभा के अंदर कही और अनेकों महिला विधायकों के सामने । हालांकि कांग्रेस और उनके सहयोगी दलों का महिला चरित्र हनन का इतिहास रहा है। चाहे सीएम गहलोत का बलात्कार की घटना पर, मर्दों का राजस्थान वाला बयान हो, चाहे दिग्विजय सिंह का अपनी ही पार्टी के महिला नेताओं पर की गई टिप्पणी हो, चाहे इनके राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष पर पार्टी की ही प्रदेश इकाई अध्यक्ष द्वारा यौन शौषण के आरोप हो, चाहे सपा नेताओं की बलात्कारियों के पक्ष में दिए बयान हों।












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