स्वास्थ्य सचिव की पत्नी के व्यवहार से नाराज होकर डॉक्टर ने दिया इस्तीफा, अब नई सरकार पर टिकी सबकी निगाहें
स्वास्थ्य सचिव की पत्नी पर गलत व्यवहार करने का आरोप
देहरादून, 1 अप्रैल। उत्तराखंड में नई सरकार और स्वास्थ्य मंत्री के कुर्सी संभालते ही एक प्रकरण से हड़कंप मचा हुआ है। स्वास्थ्य सचिव की पत्नी के व्यवहार से नाराज होकर दून मेडिकल कॉलेज की एक सीनियर डॉक्टर ने इस्तीफा दे दिया। इतना ही नहीं स्वास्थ्य सचिव ने सीनियर डॉक्टर का तबादला सजा दिखाते हुए अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज कर दिया था। इसके बाद एक बार फिर नौकरशाही को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। हालांकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आनन फानन में डॉक्टर का तबादला रोकने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित करने को कहा है। इस संबंध में अब भी आदेश का इंतजार किया जा रहा है।

स्वास्थ्य सचिव की पत्नी पर डॉक्टर के साथ गलत पेश आने का आरोप
पूरा प्रकरण गुरूवार का बताया जा रहा है। जब दून मेडिकल कॉलेज की डॉक्टर निधि उनियाल अपनी ओपीडी ड्यूटी कर रही थी। इस बीच उन्हें स्वास्थ्य सचिव के आवास जाने को कहा गया। डॉक्टर उनियाल ने बताया कि वे ओपीडी छोड़कर स्वास्थ्य सचिव के घर पहुंची तो वहां स्वास्थ्य सचिव डॉ पंकज पांडेय की पत्नी को चेकअप करने को कहा गया। इस बीच डॉक्टर के पास बीपी जांचने की मशीन न होने से आरोप है कि स्वास्थ्य सचिव की पत्नी ने उनके साथ गलत व्यवहार किया। साथ ही काफी गलत तरीके से पेश भी आई। इतना ही नहीं जब वे ओपीडी में आई तो उन्हें सचिव की पत्नी से माफी मांगने को कहा गया। इस बीच डॉक्टर निधि उनियाल का तबादला आदेश जारी कर दिया गया। जिन्हें अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में तबादला कर दिया। इसके बाद डॉक्टर निधि ने स्वास्थ्य सचिव की पत्नी पर गंभीर आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य सचिव को अपना इस्तीफा दे दिया। इसकी प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, कॉलेज के प्रिंसिपल समेत अन्य को कर दी। इसके बाद सोशल मीडिया में दोनों पत्र वॉयरल हुए तो शासन स्तर पर हड़कंप मच गया। मामले को स्वास्थ्य सचिव के द्वारा एक तरफा कार्रवाई से जोड़ा जा रहा है। डॉक्टर निधि का कहना है कि वे ड्यूटी में रहते स्वास्थ्य सचिव के घर गई जो कि उनके कार्यक्षेत्र से बाहर आता है। फिर भी उनके साथ गलत किया गया।
सिस्टम पर उठ रहे सवाल
इस पूरे प्रकरण से तीन मुद्दे उठ रहे हैं। पहला तो स्वास्थ्य सचिव की पत्नी का डॉक्टर के साथ गलत व्यवहार करना दूसरा स्वास्थ्य सचिव का डॉक्टर को सजा के तहत अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज भेजना। जिससे यह दिखाने की कोशिश की गई है कि किसी से कोई अगर गलती होगी तो पहाड़ में पोस्टिंग दी जाएगी। इससे ये भी गलत संदेश पहुंंचा है। ऐसे में सोशल मीडिया में सभी डॉक्टर निधि के सपोर्ट में आ गए हैं। इसके साथ ही तीसरा सबसे बड़ा मुद्दा अब नए मुख्यमंत्री और नए स्वास्थ्य सचिव के सामने भी कुर्सी संभालते ही इस मुद्दे को किस तरह से टेकल करते हैंं। उत्तराखंड में पहले ही एक शिक्षिका का तबादला का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर मुख्यमंत्री के खिलाफ जा चुका है। जब पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के दरबार में एक शिक्षिका उत्तरा पंत ने भी अपने तबादले को लेकर सीएम से गुजारिश की लेकिन सीएम ने उनके साथ गलत तरीके से संवाद किया। जिसके बाद ये मामला राष्ट्रीय स्तर पर मीडिया में जमकर उछला। मुख्यमंत्री को इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर काफी लोगों की नाराजगी भी झेलनी पड़ी। अब एक डॉक्टर के साथ हुए स्वास्थ्य सचिव के प्रकरण के बाद नई धामी सरकार के रूख का जनता इंतजार कर रही है। साथ ही नौकरशाही पर लग रहे गंभीर आरोप पर भी सरकार को सख्त कदम उठाने की मांग हो रही है।












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