भूकंप के आने से पहले ही करेगा अलर्ट, जानिए कैसे काम करेगा भूदेव एप, ऐसे करें इंस्टॉल
Earthquake: भूकंप के आने से पहले ही अलर्ट करने के लिए आईआईटी रुड़की के सहयोग से आपदा प्रबंधन विभाग ने भूदेव एप को विकसित किया गया है। इसमें भूकंप आने और तरंगों के निकलने पर वैज्ञानिक विधि से पता कर भूदेव एप और सायरन के माध्यम से लोगों को 15 से 30 सेकेंड पहले सतर्क किया जा सकेगा।
भूदेव एप को प्ले स्टोर व एप स्टोर के माध्यम से डाउन लोड कर सकते हैं। जब भूकंप आएगा और प्राइमरी तरंग निकलेगी तो उसका पता अलग- अलग जगहों पर लगे सेंसर के माध्यम से लग जाएगा। इसके बाद ऐसी व्यवस्था की गई है, उसे तत्काल इंटरनेट के माध्यम से भूदेव एप और जगह- जगह पर सायरन तक सूचना चली जाए।

इसके बाद भूदेव एप में चेतावनी देने वाली आवाज आयेगी, इससे करीब 15 से 30 तक सेकेंडरी तरंग आने से पहले सुरक्षित होने का समय मिल सकेगा। पर यह चेतावनी रियेक्टर स्केल पर 5 से अधिक तीव्रता का भूकंप आने पर मिलेगी। यह भूदेव राज्य के भीतर ही काम करेगा। इस भूदेव एप को प्ले स्टोर व एप स्टोर के माध्यम से डाउन लोड कर सकते हैं।
राज्य में राष्ट्रीय भूकंप जोखिम न्यूनीकरण योजना के तहत 169 सेंसर लगे हैं, इनकी संख्या बढ़ाकर 500 करने और सायरनाें की संख्या एक हजार तक करने की योजना है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि भूकंप का पूर्वानुमान नहीं लगाया जा सकता है, पर भूकंप से कैसे लोगों को सुरक्षित किया जा सकता है, इसको लेकर लंबे समय से काम किया जा रहा था। इसी के तहत भूदेव एप को विकसित किया गया है।
राज्य में अलग-अलग जगहों पर 169 सेंसर और 112 सायरन लगाए गए हैं। जब भूकंप आता है तो उसमें दो तरह की प्राइमरी और सेकेंडरी तरंग निकलती है। इसमें सेकेंडरी तरंग घातक होती है। प्राइमरी तरंग तेज होती है और सेकेंडरी तरंग की गति तुलनात्मक तौर पर गति कम होती है।
कैसे करें इंस्टॉल-
- 15 से 30 सकेंड पहले आपको भूंकप का अलर्टसेव कीजिए।
- एंड्रायड और आईओएस दोनों पर उपलब्ध
- प्ले स्टोर और एप स्टोर के जरिए इंस्टाल करें।
- फोन नंबर सेव कीजिए।
- एक इमरजेंसी नंबर डालें।
- रिक्टर स्केल में पांच से अधिक का भूकंप आने पर ही एप काम करेगा।












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