आखिर किस वजह से देवभूमि के पुरोहितों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

देवभूमि के पुरोहितों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

देहरादून, 4 अक्टूबर। उत्तराखंड सरकार के देवस्थानम बोर्ड को लेकर 30 अक्टूबर तक की डेडलाइन से पहले ही तीर्थ पुरोहितों ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आंदोलन का शंखनाद कर दिया है। चारधाम तीर्थ पुरोहित हकहकूकधारी महापंचायत ने 5 और 6 अक्टूबर को राज्य सरकार के खिलाफ ऋषिकेश और हरिद्वार में विरोध प्रदर्शन करेगी। महापंचायत को उत्तराखंड भैरव सेना ने भी समर्थन दिया है। इधर चारधाम में यात्रियों के लिए बनाई गई एसओपी और गाइडलाइन को लेकर केदारनाथ में विरोध जारी है। जबकि मुख्यमंत्री ने चारों धामों की व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों के साथ मीटिंग कर जरुरी निर्देश दिए हैं। सीएम ने अधिकारियों को कहा है कि राज्य में यदि एक भी यात्री को परेशानी होगी तो प्रदेश का मुख्य सेवक होने के नाते मुझे परेशानी होगी।

After all, for what reason did the priests of Devbhoomi open a front against the government?

5 को ऋषिकेश और 6 को हरिद्वार में विरोध प्रदर्शन
चारधाम तीर्थ पुरोहित हकहकूकधारी महापंचायत के अध्यक्ष कृष्णकांत कोटियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीर्थ पुरोहितों से 30 अक्टूबर तक का समय मांगा था। जिसके लिए उन्होंने पुरोहितों को आश्वासन भी दिया। सीएम से मुलाकात के दौरान तीर्थ पुरोहितों ने राज्य सरकार की पहल पर आंदोलन स्थगित भी कर दिया था। लेकिन चारधाम यात्रा खुलते ही लेकिन यात्रा खुलते ही देवस्थानम बोर्ड एक्टिव हो गया। ऐसे में सरकार की मंशा साफ नहीं है। इससे नाराज होकर तीर्थ पुरोहितों ने अब आंदोलन की राह पकड़ ली है। इसके लिए आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। महापंचायत ने 5 को ऋषिकेश और 6 को हरिद्वार में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन करने का ऐलान किया है। जिसमें चारों धाम के तीर्थ पुरोहितों के अलावा भैरव सेना भी शामिल हो रही है। जो कि शुरूआत से ही देवस्थानम बोर्ड को लेकर विरोध कर रही है।

केदारनाथ में एसओपी को लेकर जारी है विरोध
राज्य सरकार की एसओपी को लेकर केदारनाथ में तीर्थ पुरोहितों को विरोध जारी है। तीर्थ पुरोहित मंदिर परिसर पर ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी और विरोध कर रहे हैं। इसके साथ ही जो यात्री बाहर से दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, वे भी लगातार व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी दर्ज करा रहे हैं। ई पास और रजिस्ट्रेशन को लेकर तीर्थ यात्री और पुरोहित विरोध कर र​हे हैं। तीर्थ यात्री प्रशासन पर जगह-जगह चेकिंग के नाम पर परेशान करने की शिकायत कर रहे हैं।

सीएम बोले यात्री को परेशानी हुई तो मुख्य सेवक के नाते मुझे होगी परेशानी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय में चारधाम यात्रा की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाय प्रदेश में आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को हर संभव सुविधा दी जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालु एवं पर्यटक देवभूमि उत्तराखण्ड से अच्छा संदेश लेकर जाएं, यह सबकी जिम्मेदारी है। श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के प्रति किसी भी प्रकार की अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में यदि एक भी यात्री को परेशानी होगी तो प्रदेश का मुख्य सेवक होने के नाते मुझे परेशानी होगी। मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से जुड़े रूद्रप्रयाग, चमोली एवं उत्तरकाशी के जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाय कि चारधाम यात्रा के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सभी व्यवस्थाएं अच्छी हों। गाईडलाइन के अनुसार श्रद्धालु दर्शन कर सकें। पर्यटक स्थलों पर जाने वाले यात्रियों को भी कोई परेशानी न हो। मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि चारधाम यात्रा के लिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने के बाद जिन लोगों को परमिशन मिली है, वही लोग उत्तराखण्ड के चार धाम यात्रा के लिए आयें।

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