योगी सरकार की मंत्री बोलीं, हमें दलितों के घर मच्छर काटते हैं फिर भी प्रसन्न रहते हैं
नई दिल्लीः हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को दलितों के घर जाने का निर्देश दिया था, जिसके बाद कई भाजपा के नेता दलितों के घर गए। लेकिन दलितों के घर जाने के बाद भाजपा नेताओं ने कई बयान दिए, जो विवाद की वजह बन गए। गुरुवार को योगी सरकार में मंत्री अनुपमा जायसवाल ने विवादित बयान दिया। मंत्री अनुपमा का कहना था कि कि मच्छर काटने के बावजूद भी भाजपा के नेता दलितों के घर जा रहे हैं। इस बयान के बाद विपक्ष ने भाजपा पर निशाना साधा है।
मंत्री बोलीं- मच्छर काटने के बाद भी दलितों के घर रुके
योगी सरकार में मंत्री अनुपमा जायसवाल ने कहा कि 'गरीबों, दलितों के लाभ को लेकर नीतियां बनाई जा रही हैं और योजनाओं का लाभ मिल भी रहा है। इसके लिए सरकार के मंत्री रातभर दलितों के घर जाते हैं और उन्हें मच्छर काट रहे हैं। मच्छर काटने के बावजूद दलितों के घर रुकते हैं। सबसे बड़ी बात है कि सब प्रसन्नता महसूस कर रहे है।'

मंत्री राजेंद्र प्रताप ने कहा- राम ने भी शबरी के झूठे बेर खाए थे
दलितों के घर जाने को लेकर ये पहली बार नहीं है जब भाजपा के किसी मंत्री ने विवादित बयान दिया हो, इससे पहले योगी सरकार में मंत्री राजेंद्र प्रताप ने खुद की तुलना भगवान राम के साथ की थी। राजेंद्र प्रताप ने कहा कि 'राम ने भी शबरी के झूठे बेर खाए थे' मंत्री राजेंद्र प्रताप ने कहा कि , 'भगवान राम और शबरी का संवाद रामायण में है। आज जब ज्ञानजी की मां ने मुझे रोटी परोसी तो उन्होंने कहा मेरा उद्धार हो गया। किसी राजा के यहां भोजन किया होता तो शायद उनकी मां ने ये न कहा होता।"

मंत्री सुरेश राणा की भी हुई थी आलोचना
इससे पहले यूपी सरकार के गन्ना विकास व जिला प्रभारी मंत्री सुरेश राणा ने भी दलित परिवार के साथ खाना खाया था। लेकिन मंत्री जी इस पर काफी आलोचना हुई, वजह थी उन्होंने हलवाइयों द्वारा बनाए गए पालक पनीर, मखनी दाल, छोला, बेहतरीन रायता, तंदूर, कॉफी, रसगुल्ला और मिनरल वाटर लुफ्त उठाया।












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