OPINION: यूपी में युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए द्वार, किसानों को मिलने जा रही अपार संभावनाएं
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चला रही है। युवाओं को कौशल विकास के दम पर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा सकता है। इस बात को प्रदेश सरकार ने गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है। यही वजह है कि प्रदेश के युवाओं के कौशल विकास पर सरकार काफी ध्यान दे रही है।
ऐसे में अगर आप कोई नई स्किल को सीखना चाहते हैं तो इसमे सरकार आपकी मदद कर सकती है। सरकार की ओर से ना सिर्फ आपको नई स्किल सीखने का मौका दिया जा रहा है बल्कि यह बिल्कुल मुफ्त में मुहैया कराई जा रही है। प्रदेश सरकार युवाओं को स्किल डेवलपमेंट की मुफ्त ट्रेनिंग देने जा रही है।

युवाओं को मुफ्त स्किल ट्रेनिंग
युवाओं को स्वरोजगार मिशन के तहत यह मुफ्त स्किल ट्रेनिंग दी जाएगी। यह कंप्यूटर समेत अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी होगी। इसे 18 वर्ष से 45 वर्ष के लोगों को दिया जाएगा। इस आयु वर्ग के लिए स्किल ट्रेनिंग के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आपको डिस्ट्रिक्ट इंडस्ट्री एंड प्रमोशन डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
उत्तर प्रदेश के निवासी जो नए कौशल हासिल करने में रुचि रखते हैं, वे अपने संबंधित जिलों के माध्यम से आवेदन करके इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। यह पहल न केवल स्वरोजगार को बढ़ावा देती है, बल्कि विभिन्न उद्योगों में कौशल की कमी को भी दूर करती है।
युवा के बेहतर भविष्य के लिए प्रतिबद्ध सरकार
इस मिशन का उद्देश्य युवाओं को उनके चुने हुए क्षेत्रों में सफल होने के लिए आवश्यक उपकरण और ज्ञान प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाना। यह पहल राज्य के आर्थिक विकास में योगदान देने में सक्षम कुशल कार्यबल को बढ़ावा देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान करके, यूपी सरकार का लक्ष्य सभी पात्र उम्मीदवारों के लिए कौशल विकास को सुलभ बनाना है। कुल मिलाकर यह मिशन उत्तर प्रदेश में युवा सशक्तिकरण और आर्थिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह युवाओं को बिना किसी वित्तीय बोझ के अपने कौशल को बढ़ाने का एक मूल्यवान अवसर प्रदान करता है।
इसी कड़ी में
किसानों को प्राकृतिक खेती की ट्रेनिंग
इसके साथ ही केंद्रीय बजट में उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के अगले दो वर्षों के भीतर 50 हजार किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल बुंदेलखंड के सात जिलों में प्राकृतिक खेती के 470 क्लस्टर बनाए गए हैं, जिसमे से 235 पिछले वर्ष चयनित किए गए थे। यहां 47 ब्लॉक के 21854 किसानों को प्रशिक्ष दिया जा चुका है। इन किसानों को जैविक खाद और बीज आदि भी मुहैया कराए जाते हैं।
लेकिन अब सरकार बुंदेलखंड क्षेत्र से इतर भी किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित करेगी और उन्हें इसका प्रशिक्षण देगी। किसानों को इसका प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा। इसके लिए प्रदेश के जैव अदान संसाधन केंद्र बनाने की तैयारी शुरू हो गई है।












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