राम मंदिर मुद्दे को धार देंगे योगी आदित्याथ, अयोध्या में रामलला की करेंगे पूजा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या के राम मंदिर में पूजा अर्चना करने के लिए जाएंगे, 1992 में बाबरी विध्वंश के बाद ऐसा करने वाले होंगे होंगे दूसरे मुख्यमंत्री

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लंबे समय से योगी आदित्यनाथ को हिंदुत्ववादी छवि का फायरब्रांड नेता माना जाता है। योगी आदित्यनाथ अयोध्या के रामलला मंदिर में पूजा करने के लिए जाने वाले प्रदेश के दूसरे मुख्यमंत्री होंगे, जो यहां 1992 में बाबरी विध्वंश के बाद ऐसा करने के लिए पहुंचेंगे। 6 दिसंबर 1992 को जब बाबरी मस्जिद गिराई गई थी तो राजनाथ सिंह पहले मुख्मयंत्री थे जो यहां 2002 में पूजा अर्चना करने के लिए पहुंचे थे। लेकिन इसके बाद से पिछले 15 साल के इतिहास में कोई भी प्रदेश का मुख्यमंत्री यहां पूजा करने के लिए नहीं पहुंचा है।

अहम है योगी का आयोध्या दौरा

अहम है योगी का आयोध्या दौरा

योगी आदित्यनाथ फैजाबाद-अयोध्या के क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का जायजा लेने के लिए यहां 31 मई को पहुंच रहे हैं। इस दौर पर वह यहां महंत नृत्य गोपाल दास के जन्मोत्सव में भी शामिल होंगे, जोकि रामजन्मभूमि न्यास के अध्यतक्ष भी हैं। ऐसे में योगी आदित्यनाथ का दौरा राम मंदिर के लिहाज से काफी अहम होने वाला है। योगी आदित्यनाथ का अयोध्या दौरा ऐसे वक्त हो रहा है जब आज पार्टी के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी बाबरी विध्वंश मामले में सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई के लिए पहुंचे।

अधिकारियों संग करेंगे बैठक

अधिकारियों संग करेंगे बैठक

मुख्यमंत्री अयोध्या मे तकरीबन 8 घंटे तक रुकेंगे, वह सुबह 8.35 बजे अयोध्या के लिए रवाना हो जाएंगे, इसके बाद वह सीधे हनुमान गढ़ी जाएंगे और यहां पूजा अर्चना करेंगे। माना जा रहा है कि वह सरयू घाट भी जाएंगे और यहां तीर्थयात्रियों के लिए किए गए इंतजाम का मुआयना करेंगे। महंत नृत्य गोपाल के जन्मोत्सव में शामिल होने से पहले मुख्यमंत्री एक बैठक में हिस्सा लेंगे, जिसमें अयोध्या-फैजाबाद के विकास के लिए चल रही योजनाओं के बारे में समीक्षा की जाएगी।

अयोध्या आंदोलन में निभाई थी अहम भूमिका

अयोध्या आंदोलन में निभाई थी अहम भूमिका

योगी आदित्यनाथ दिगंबर अखाड़ा का भी दौरा कर सकते हैं, जहां के महंत रामचंद्र परमहंस ने अयोध्या आंदोलन के लिए लंबे समय तक लड़ाई लड़ी और जीवन के आखिरी क्षणों में भी वह इस आंदोलन के लिए लड़ाई लड़ते रहे। आपको बता दें कि गोरखनाथ मंदिर के पूर्व प्रधान महंत अवैद्यनाथ जोकि योगी आदित्यनाथ के गुरु हैं। इन दोनों ही अवैद्यनाथ और परमहंस ने लंबे समय तक राम मंदिर आंदोलन के लिए संघर्ष किया है। महंत अवैद्यनाथ विश्व हिंदू परिषद द्वारा राम मंदिर के निर्माण के लिए गठित कमेटी के अध्यक्ष थे।

अधिकारियों ने साधी चुप्पी

अधिकारियों ने साधी चुप्पी

जिस वक्त परमहंस ने अयोध्या आंदोलन के लिए 2002 में एक बार फिर से आंदोलन शुरु करने का आह्वाहन किया था तो योगी आदित्यनाथ दूसरी बार गोरखपुर से सांसद चुने गए थे, उस वक्त भी आदित्यनाथ ने अयोध्या मार्च करने की कोशिश की थी, उस वक्त पुलिस ने उन्हें गोरखपुर की सीमा पर रोक दिया था। अयोध्या में रामलला की पूजा अर्चना के लिए योगी आदित्यनाथ के जाने पर किसी भी अधिकारी ने कोई बयान नहीं दिया है। लेकिन मुख्यमंत्री के करीबी लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री मंदिर का दौरा जरूर करेंगे। ऐसे में अगर योगी आदित्यनाथ यहां जाते हैं तो ऐसा करने वाले वह ना सिर्फ दूसरे मुख्यमंत्री होंगे बल्कि अपनी हिंदुत्ववादी छवि को एक बार फिर से मजबूत करते दिखेंगे। अयोध्या का विवाद अभी भी कोर्ट में है, लेकिन प्रदेश में योगी सरकार आने के बाद से तमामम हिंदू संगठन राम मंदिर के निर्माण के लिए दबाव बनाने लगे हैं।

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