सहारनपुर हिंसा के बाद योगी आदित्यनाथ को केंद्र से मिला अल्टीमेटम!
उत्तर प्रदेश में जातीय हिंसा के बाद केंद्रीय नेतृत्व ने योगी आदित्यनाथ को दिया अल्टीमेटम, भाजपा की छवि को लेकर चिंतित पार्टी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश का सहारनपुर लगातार जिस तरह से जातीय हिंसा की आग में जल रहा है, उसके बाद योगी सरकार भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के निशाने पर आ गई है। एक रिपोर्ट की मानें तो भाजपा की केंद्रीय नेतृत्व ने योगी सरकार को हिदायत दी है कि अगर वह पार्टी की छवि को बचाने में विफल रहते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। सहारनपुर की जातीय हिंसा की वजह से भाजपा को दलित विरोधी पार्टी होने का दंश झेलना पड़ रहा है, जिसके चलते पार्टी की छवि को काफी नुकसान पहुंचा है।

योगी सरकार को मिला अल्टीमेटम
रिपोर्ट की मानें तो यूपी में पार्टी की गिरती छवि के चलते शीर्ष नेतृत्व परेशान है और मौजूदा सरकार सहारनपुरी की हिंसा को रोकने में विफल रही है, जिसके चलते राजपूत और दलितों के बीच हिंसा लगातार बढ़ी। पार्टी के आला कमान का मानना है कि सहारनपुर की स्थिति बिगड़ने के पीछे योगी आदित्यनाथ के पास प्रशासनिक अनुभव की कमी को बताया गया है। पार्टी के एक सूत्र का कहना है कि आला कमान ने योगी आदित्यनाथ को साफ कर दिया है कि यह हिंसा किसी भी हाल में दूसरे जिलों में नहीं फैलनी चाहिए।

60 दलितों के घर को जला दिया गया था
गौरतलब है कि सहारनपुर के शब्बीरपुर में 5 मई को महारााणा प्रताप की शोभायात्रा के दौरान डीजे को लेकर विवाद खड़ा हो गया। इस दौरान हुए विवाद में एक ठाकुर की मौत हो गई, जिसके बाद ठाकुरों ने 60 दलितों के घर में आग लगा दी और कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। घटना के बाद दलितों की भीम आर्मी ने प्रदर्शन शुरु कर दिया। इन लोगों को जब 9 मई को पुलिस ने समझाने की कोशिश की तो दलित भड़क गए और इन लोगों ने क गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया।

मायावती की जनसभा के बाद फिर भड़की हिंसा
इस घटना के बाद दलितों ने दिल्ली के जंतर मंतर पर 21 मई को प्रदर्शन शुरु कर दिया। तनाव उस वक्त और बढ़ गया जब 23 मई को मायावती ने पीड़ित परिवार से मुलाकात करने के लिए शब्बीरपुर पहुंची, यहां एक सभा के दौरान मायावती ने पीड़ितों को मुआवजा देने का ऐलान किया। मायावती की जनसभा से जब ये लोग वापस लौट रहे थे तो एक बार फिर से किसी ने इनपर हमला कर दिया और इसमें एक दलित की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए, जिसके बाद दलितों ने दो ठाकुरों के घरों में आग लगा दी।

भीम आर्मी के अध्यक्ष का भाई गिरफ्तार
घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 23 मई को चार आला अधिकारियों की एक टीम को लखनऊ से उसी रात स्टेट प्लेन से सहारनपुर रवाना किया, इसके अलावा गाजियाबाद, मेरठ, अलीगढ़ और आगरा में पांच पीएसी की टीम को भी तैनात किया गया। सहारनपुर की घटना में अभी तक कुल 25 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है, भीम आर्मी के संचालकर चंद्रशेखर की पुलिस तलाश कर रही है, पुलिस ने उनके भाई कमल किशोर को गिरफ्तार कर लिया।
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