26 साल में सांसद और 45 की उम्र में UP के मुख्यमंत्री, जानें योगी आदित्यनाथ की जिंदगी से जुड़ी हर बड़ी बात
26 साल में सांसद और 45 की उम्र में UP के मुख्यमंत्री, जानें योगी आदित्यनाथ की जिंदगी से जुड़ी हर बड़ी बात
लखनऊ, 25 मार्च: योगी आदित्यनाथ दूसरी बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं। योगी आदित्यनाथ का मूल नाम अजय सिंह बिष्ट है। योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर के महंत और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राजनेता है। वर्तमान में योगी आदित्यनाथ गोरखपुर सीट से विधायक हैं और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। 22 साल की उम्र में अपना घर-परिवार छोड़कर योगी बनने वाले अजय सिंह बिष्ट 26 साल की उम्र में गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र से देश के सबसे कम उम्र के सांसद बने और फिर 45 साल की उम्र में उत्तर प्रदेश के 2017 में मुख्यमंत्री बन गए। योगी आदित्यनाथ की पहचान एक दक्षिणपंथी हिंदु फायरब्रांड राजनेता की है। आइए जानें अजय सिंह बिष्ट से योगी आदित्यनाथ बनने तक का पूरा सफर।

जानें योगी आदित्यनाथ के शुरुआती जीवन और परिवार के बारे में?
5 जून 1972 को अजय मोहन बिष्ट के रूप योगी आदित्यनाथ का जन्म पौड़ी गढ़वाल जिले (अब उत्तराखंड में) में हुआ था। योगी आदित्यनाथ का जन्म एक राजपूत परिवार में था। इनके पिता का नाम आनन्द सिंह बिष्ट है जो एक फॉरेस्ट रेंजर थे। 20 अप्रैल 2020 को योगी के पिता का निधन हो गया था। इनकी माता का नाम सावित्री देवी है। अपनी माता-पिता के सात बच्चों में तीन बड़ी बहनों व एक बड़े भाई के बाद योगी आदित्यनाथ पांचवें नंबर पर हैं। योगी से छोटे उनके दो भाई भी हैं। योगी आदित्यनाथ अपने बहनों के बहुत करीबी थे।

योगी आदित्यनाथ ने कहां तक की है पढ़ाई?
योगी आदित्यनाथ ने 1977 में टिहरी के गजा के स्थानीय स्कूल में पढ़ाई शुरू की और इसी स्कूल से 1987 में यहां से 10वीं पास की। 1989 में योगी आदित्यनाथ ने श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की। 1990 में ग्रेजुएशन की पढ़ाई करते हुए योगी आदित्यनाथ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े थे। 1992 में योगी आदित्यनाथ ने 1992 में श्रीनगर के हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से गणित में बीएससी की डिग्री ली।

अजय सिंह बिष्ट कैसे बने योगी आदित्यनाथ
90 के दशक में राममंदिर आंदोलन से अजय सिंह बिष्ट जुड़े हुए थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात गोरखनाथ मंदिर के महंत अवैद्यनाथ से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के एक कार्यक्रम में हुई थी। 1993 में गणित में एमएससी की पढ़ाई के दौरान योगी आदित्यनाथ गुरु गोरखनाथ पर शोध करने के लिए गोरखपुर आ गए थे। यहां आकर वह महंत अवैद्यनाथ के शरण में ही चले गए और दीक्षा ले ली। 1994 में अजय सिंह बिष्ट पूर्ण संन्यासी बन गए, जिसके बाद इनका नाम अजय सिंह बिष्ट से योगी आदित्यनाथ कर दिया गया। 12 सितंबर 2014 को गोरखनाथ मंदिर के पूर्व महन्त अवैद्यनाथ के निधन के बाद योगी आदित्यनाथ को गोरखनाथ मंदिर का महंत बनाया गया। 2 दिन बाद इन्हें नाथ पंथ के पारंपरिक अनुष्ठान के अनुसार मंदिर का पीठाधीश्वर भी नियुक्त किया गया।

कैसे ही हुई योगी आदित्यानाथ की राजनीति की शुरुआत
1994 में योगी आदित्यनाथ को गोरखनाथ मठ के मुख्य पुजारी के रूप में नियुक्त किया गया था। गोरखनाथ मंदिर के महंत की गद्दी का उत्तराधिकारी बनाने के चार साल बाद ही महंत अवैद्यनाथ ने आदित्यनाथ को अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी भी बना दिया था। जिसके बाद 1998 में 26 वर्ष की उम्र में योगी आदित्यनाथ गोरखपुर सीट से लोकसभा सांसद बने। 12वीं लोकसभा में वे सबसे कम उम्र के सांसद बने। योगी आदित्यनाथ लगातार पांच साल यानी 2017 तक गोरखपुर के सांसद रहे।

गोरखपुर से लगातार 5 बार सांसद बने योगी आदित्यनाथ
योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले 1998 में गोरखपुर से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ा था, उस वक्त वह बहुत कम वोटों के अंतर से जीते थे। उसके बाद 1999 में हुए चुनाव में उनका वोट प्रतिशत बढ़ा। 2004 में तीसरी बार लोकसभा का चुनाव जीता, 2009 में ये 2 लाख से ज्यादा वोटों से जीतकर लोकसभा सांसद बने थे। 2014 में पांचवी बार एक बार फिर से दो लाख से ज्यादा वोटों से जीतकर योगी लोकसभा पहुंचे थे। योगी आदित्यनाथ ने अप्रैल 2002 में हिंदू युवा वाहिनी नाम से एक युवा विंग भी शुरूआत की थी।

45 की उम्र में योगी बने यूपी के सीएम
19 मार्च 2017 में उत्तर प्रदेश के बीजेपी विधायक दल की बैठक में योगी आदित्यनाथ को विधायक दल का नेता चुनकर मुख्यमंत्री पद सौंपा गया था। 19 मार्च 2017 को 45 साल की उम्र में योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। अब योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में फिर से जीतकर दूसरी बार सीएम बने हैं। यूपी में ऐसा पहली बार हो रहा है कि एक सीएम दूसरी बार फिर से जीतकर सत्ता में आ रहा है। योगी आदित्यनाथ का भाजपा के साथ रिश्ता एक दशक पुराना है। योगी आदित्यनाथ से पहले गोरखनाथ मठ के पूर्व महंत अवैद्यनाथ भी भारतीय जनता पार्टी से 1991 तथा 1996 का लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं।

योगी आदित्यनाथ ने बताया आखिर क्यों नहीं की शादी?
2017 के मार्च में उत्तर प्रदेश के सीएम बनने के बाद योगी आदित्यनाथ इंडिया टीवी के शो आप की अदालत में आए थे। उस दौरान पत्रकार रजत शर्मा ने पूछा था कि आपके दिमाग में कभी ये नहीं आया कि शादी करूं...? इसका जवाब देते योगी आदित्यनाथ ने कहा, ''अच्छा है, मैंने अभी तक शादी नहीं की है। कम से कम मैं परेशानी से तो फ्री हूं...। क्योंकि जिन लोगों ने शादी की है, मैं उनकी हालत देख रहा हूं।''












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