UP में नई आद्योगिक नीति लाने की तैयारी में क्यों जुटी योगी सरकार, जानिए
लखनऊ, 11 अप्रैल: उत्तर प्रदेश की लगातार दूसरी बार सत्ता संभालने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस बार बेहद जुदा रूप में हैं। इस बार मुख्यमंत्री का लक्ष्य यूपी को देश का नंबर एक राज्य बनाने का है। इसी पूर्ति के लिए राज्य की सत्ता संभालने के अगले ही दिन मुख्यमंत्री ने शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक कर सभी विभागों के अधिकारियों को सौ दिन, छह महीने तथा साल भर का रोडमैप तैयार करने का जो निर्देश दिया था जिसके तहत राज्य में दस लाख करोड़ रुपए का निवेश लाने, प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करने और ईज आफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारी एक टीम के रुप में कार्य करते हुए रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं।

समग्र विकास का एजेंडा तय करने में जुटे हैं अधिकारी
राज्य में यह पहला मौका है जब सभी विभागों के आला अफसर उत्तर प्रदेश के समग्र विकास का एजेंडा तैयार करने में जुटे हैं। कोई अधिकारी यूपी की प्रति व्यक्ति आय को दुगना करने की योजना तैयार कर रहा है तो कोई अधिकारी ईज आफ डूइंग बिजनेस की रैंकिग में उत्तर प्रदेश को नंबर एक पर लाने के लिए क्या कदम उठाये जाएं यह तैयार करने में जुटा है। इसी क्रम में औद्योगिक विकास विभाग के आला अफसर राज्य में दस लाख करोड़ रुपए का निवेश लाने की रणनीति तैयार कर रहे हैं। राज्य में दस लाख करोड़ रुपए का निवेश लाने के लिए लखनऊ में एक भव्य ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का आयोजन करने और राज्य की एक नई औद्योगिक नीति तैयार करने का फैसला किया गया है।

निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीति जरूरी
औद्योगिक विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीति तैयार करना जरूरी है क्योंकि वर्तमान औद्योगिक नीति में दी गई रियायतों की अवधि जुलाई में खत्म होने को है। इसलिए नई औद्योगिक नीति तैयार करनी ही होगी। लखनऊ में होने वाली ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में भी इस नीति का प्रभाव दिखेगा। उद्योग जगत के सभी प्रमुख औद्योगिक घरानों के मुखिया मौजूद रहेंगे। इस आयोजन के जरिए 10 लाख करोड़ रुपए के औद्योगिक निवेश को यूपी में लाने की कवायद शुरू होगी।

रोजगार के सृजन के लिए इन्वेस्टर समिट
उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश के जरिए रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराना सरकार की पहली प्राथमिकता में शामिल है। मार्च, 2017 में जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार आई थी, तब सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी युवाओं को रोजगार देना। इसका संज्ञान लेते हुए ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए लखनऊ में भव्य इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन कराया था।

दस लाख करोड़ का निवेश लाने की तैयारी
राज्य में दस लाख करोड़ रुपए का निवेश लाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए तमाम लक्ष्य तय किए गए है। तय हुआ हुआ है कि अटल इण्डस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन शुरू कर सभी मौजूदा औद्योगिक क्षेत्रों एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर का नवीनीकरण किया जाएगा, ओडीओपी योजना के हर जिले के एक उत्पाद को पहचान देते हुए 25 लाख रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए जायंगे, पांच वर्षों में निर्यात एवं रोजगार अथवा स्वरोजगार के अवसरों को दुगना किया जाएगा, राज्य में पांच विश्व स्तरीय एक्जीबिशन और आधुनिक कन्वेशन सेंटर स्थापित किए जायंगे। सभी एक्सप्रेस वे के निकट इंडस्ट्रियल कारिडोर स्थापित किए जाएंगे। हर जिले में लैंड बैंक बनेगा, राज्य में तीन डाटा सेंटर पार्क स्थापित किए जाएंगे।












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