IPS Shavya Goyal कौन हैं? Noida उपद्रवियों पर भारी पड़ीं, अब हिंसा के WhatsApp-QR कोड मॉड्यूल को करेंगी डिकोड
Noida Protest Update News Hindi: गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में फैक्ट्री मजदूरों का वेतन वृद्धि वाला हिंसक प्रदर्शन 13 अप्रैल से शुरू होकर मंगलवार (14 अप्रैल) तक जारी रहा। पत्थरबाजी, चक्का जाम के बीच एक महिला IPS अधिकारी ने पूरे इलाके को शांत कर दिया। मात्र 13 दिन पहले ही डीसीपी सेंट्रल नोएडा की कमान संभालने वालीं IPS शैव्या गोयल नोएडा के लिए दंबग छवि के रूप में देखीं गईं।
वायरल वीडियो में एक ही घटना को तीन अलग-अलग जगहों की बताया जा रहा था, लेकिन शैव्या गोयल ने साफ कर दिया कि ये घरेलू कामगार महिलाएं हैं, जो तनख्वाह बढ़ाने की मांग कर रही थीं। ये फैक्ट्री मजदूर नहीं हैं। स्थिति पूरी तरह काबू में है। आइए जानते हैं आखिर कौन हैं IPS शैव्या गोयल कौन हैं?

Who Is IPS Shavya Goyal: IPS शैव्या गोयल कौन हैं?
शैव्या गोयल 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। उत्तर प्रदेश कैडर। शमली की रहने वाली शैव्या ने सिविल सेवा परीक्षा 2020 में ऑल इंडिया रैंक 81 हासिल की थी। उन्होंने कानून (LL.B.) की पढ़ाई की है।
नोएडा पुलिस कमिश्नरेट में पहले से तैनात रह चुकी शैव्या को 1 अप्रैल 2026 को पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने डीसीपी सेंट्रल नोएडा और डीसीपी साइबर सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी थी। तत्कालीन डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी का महाराजगंज ट्रांसफर होने के बाद यह पद खाली हुआ था। साइबर क्राइम और नारकोटिक्स पर सख्त कार्रवाई के लिए जानी जाने वाली शैव्या को तेज-तर्रार और 'आयरन लेडी' की छवि मिल चुकी है।
Noida Protest: क्या हुआ था?
महंगाई के खिलाफ नोएडा के फैक्ट्री मजदूरों ने वेतन बढ़ोतरी की मांग की। प्रदर्शन हिंसक हो गया। पत्थरबाजी और आगजनी हुई। लेकिन प्रशासन ने बाहरी तत्वों को जिम्मेदार ठहराया। पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने बताया कि सुबह 5 बजे से गश्त चल रही थी। तीन जगहों पर इकट्ठे हुए श्रमिकों को 15 मिनट में शांतिपूर्वक तितर-बितर कर दिया गया। अब तक 300 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है और 7 एफआईआर दर्ज की गई हैं। डीसीपी शैव्या गोयल ने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो में गलतफहमी फैलाई जा रही है। यह घटना एक ही जगह की है, जिसमें घरेलू कामगार महिलाएं शामिल थीं।
DCP Shavya Goyal: 13 दिन में 'दंबग' छवि क्यों बनी?
- तेज फैसला और सख्ती: कमान संभालते ही शैव्या गोयल को सबसे बड़ी चुनौती मिली। औद्योगिक क्षेत्र में हिंसक प्रदर्शन। उन्होंने न सिर्फ स्थिति संभाली, बल्कि वायरल मिसइनफॉर्मेशन को तुरंत क्लियर किया।
- साइबर और लॉ एंड ऑर्डर: साइबर सुरक्षा की जिम्मेदारी के साथ उन्होंने व्हाट्सएप ग्रुप्स (QR कोड से बने) की जांच शुरू कर दी। पुलिस को संदेह है कि अशांति के पीछे संगठित गिरोह का हाथ हो सकता है।
- महिला नेतृत्व की मिसाल: नोएडा जैसे संवेदनशील इलाके में महिला IPS अधिकारी का दबदबा दिखा। यह UP पुलिस में महिला सशक्तिकरण का भी उदाहरण है।
- सरकारी रुख: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाई-लेवल कमिटी बना दी। न्यूनतम वेतन बढ़ाने की घोषणा भी हो गई है। प्रशासन श्रमिकों से लगातार बातचीत कर रहा है।

शैव्या गोयल ने महज 13 दिनों में साबित कर दिया कि वे चुनौतियों से नहीं घबरातीं। नोएडा अब देख रहा है कि एक नई 'दंबग' IPS अधिकारी की कमान। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदर्शन के बाद सभी कैटेगरी के न्यूनतम वेतन बढ़ा दिए हैं। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। पुलिस जांच जारी है।












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