Who is Dawood Guru Subhash Thakur: कौन है सुभाष ठाकुर? जिसने दाऊद को बनाया अंडरवर्ल्ड डॉन, फिर कैसे बने दुश्मन
Who is Dawood Guru Subhash Thakur: जरायम की दुनिया का बेताज-बादशाह 'सुभाष ठाकुर' का नाम एक बार फिर सुर्खियों में छा गया है। यह वही माफिया है, जिसे अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का गुरु माना जाता है। 1990 के दशक में काम की तलाश में सुभाष ने मुंबई का रुख किया। पूर्वांचल से निकले सुभाष के कदम अपराध जगत में पड़ते ही कानून का दुश्मन बन बैठा।
बिल्डरों से धमकी देकर पैसे वसूलने और हत्या जैसे अपराधों में शामिल हो गया। इसी दौरान, दाऊद इब्राहिम भी उसके गिरोह में शामिल हुआ और उसे अपना गुरु माना। आइए आपको रूबरू कराते हैं कैसे गुरु-शिष्य के रिश्ते दुश्मनी में बदले...

कैसे बना सुभाष ठाकुर अपराधी?
सुभाष ठाकुर, उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल वाराणसी जिले के फूलपुर थाना क्षेत्र के नेवादा गांव का निवासी है। 1990 के दशक में काम की तलाश में मुंबई पहुंचा। वहां के आपराधिक गिरोहों ने उसे धमकी देकर रंगदारी वसूलने और हत्या जैसे अपराधों में लगा दिया। धीरे-धीरे उसने अपना गिरोह बना लिया और अपराध की दुनिया में नाम कमाया। कहा जाता है कि दाऊद ने अपराध की बारीकियां सुभाष से ही सीखीं।
ऐसे हुए गुरु-शिष्य के रिश्ते मजबूत!
मुंबई में अपराध करते समय दाऊद इब्राहिम सुभाष ठाकुर के गिरोह में शामिल हुआ। 1992 में, अरुण गवली के गुर्गों ने दाऊद के बहनोई इस्माइल पारकर की हत्या कर दी। इसका बदला लेने के लिए सुभाष ने मुंबई के जेजे अस्पताल में गोलीबारी की योजना बनाई, जिसमें गवली गिरोह के शूटर शैलेश और दो पुलिसकर्मी मारे गए। इस घटना के बाद, मुंबई के अपराध जगत में सुभाष का नाम प्रमुखता से उभरा।
1993 के मुंबई धमाकों ने गुरु-शिष्य को बना दिया दुश्मन!
हालांकि, 1993 के मुंबई बम धमाकों के बाद सुभाष और दाऊद के रास्ते अलग हो गए। सुभाष ने दाऊद से नाता तोड़ लिया और 2017 में वाराणसी की अदालत में अपनी जान को दाऊद से खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की। उसने अपनी सुरक्षा के लिए बुलेटप्रूफ जैकेट की मांग की थी।
गुरु सुभाष को आजीवन कारावास
1992 में हत्या और टाडा एक्ट के तहत दोषी ठहराए जाने पर मुंबई की अदालत ने 2000 में सुभाष को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 2019 में उसने बीएचयू अस्पताल में किडनी और आंख की बीमारी का बहाना बनाकर भर्ती होने की अनुमति ली। वहां पांच साल तक वह न केवल इलाज के नाम पर रहा, बल्कि उसने अपनी गतिविधियां भी जारी रखीं।
दिल्ली, मुंबई और UP में कुख्यात
डीजी जेल पीवी रामाशास्त्री ने उसके लंबे समय तक अस्पताल में रहने पर सवाल उठाया। 12 डॉक्टरों के पैनल ने उसकी जांच की और उसे पूरी तरह फिट पाया। इसके बाद उसे बीएचयू अस्पताल से फतेहगढ़ सेंट्रल जेल वापस भेजा गया।
मुंबई के विरार इलाके में 2022 में बिल्डर समरजीत चौहान की हत्या की योजना भी बीएचयू अस्पताल से ही बनाई गई थी। उसके खिलाफ दिल्ली, मुंबई और यूपी में हत्या और हत्या के प्रयास जैसे 10 मुकदमे दर्ज हैं। वाराणसी के फूलपुर थाने में एक आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज था, लेकिन उसकी फाइल गायब हो गई।
जरायम की दुनिया में 'बाबा' के नाम से मशहूर!
सफेद कपड़े, लंबी दाढ़ी और सफेद साफा पहनने के कारण जरायम जगत के लोग सुभाष ठाकुर को 'बाबा'कहते हैं। हिंदी, मराठी और अंग्रेजी भाषा पर उसकी अच्छी पकड़ थी। अस्पताल में रहते समय भी वह पूरी सुरक्षा के साथ अपना 'दरबार' लगाता था।
सवालों के घेरे में एजेंसियां
सुभाष ठाकुर पांच साल तक अस्पताल में क्यों रहा, इस पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस और जेल अधिकारियों की मिलीभगत की संभावना जताई जा रही है। इस मामले की जांच के लिए सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।
कहां छिपा है चेला दाऊद?
दाऊद इब्राहिम के वर्तमान ठिकाने के बारे में पक्की जानकारी नहीं है। हालांकि, माना जाता है कि वह पाकिस्तान में छिपा हुआ है। भारत सरकार उसकी संपत्तियों की नीलामी कर रही है। 5 जनवरी 2024 को मुंबई और रत्नागिरी में उसकी कई संपत्तियां नीलाम की गईं।












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