यूपी: जेल में खुलेआम चल रही दारू पार्टी, असलहों-कारतूस और मोबाइल के साथ कैदी काट रहे मौज, वीडियो
रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली में सनसनीखेज मामला सामने आया है। नियमों को ताक पर रख कर रायबरेली जेल के अंदर शराब पी रहे अपराधियों का वीडियो वायरल हो रहा है। घटना के बाद जेल प्रशासन की खूब फजीहत हो रही है। मामले में डीआईजी उमेश श्रीवास्तव ने जांच के आदेश दिए हैं। अपराधियों ने जेल को पनाहगाह बनाते हुए मोबाइल से लेकर असलहों-कारतूस के साथ थालियों में सजे बेहतरीन भोजन का आनंद ले रहे हैं। वीडियो वायरल के बाद जेल प्रशासन अपनी फजीहत से बचने के लिए तीन दिन पहले अपराधियों का ट्रांसफर कर दिया।

रायबरेली जेल के वीडियो वायरल होने के बाद प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने संज्ञान लिया है और कड़ी कार्रवाई करते हुए रायबरेली जेल के छह अधिकारियों को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
6 अधिकारी हुए सस्पेंड
1. जेल अधीक्षक पीके शुक्ला
2. जेलर गोविंद राम वर्मा
3. डिप्टी जेलर रामचंद्र तिवारी
4. हेड जेल वार्डन लालता प्रसाद उपाध्याय
5. जेल वार्डन गंगा राम
6. शिव मंगल सिंह
वीडियो वायरल होने के बाद मामले को दबाने के लिए जेल प्रशासन ने बीते 19 नवंबर को इन बंदियों को दूसरे कारागार में स्थापित कर दिया गया था। पर वीडियो सोशल मीडिया पर इतना ज्यादा वायरल हो गया कि यह शासन के आला अफसरों तक पहुंच गया और जेल प्रशासन पर गाज गिर गई।
जिला जेल का मामला
ये पूरा मामला रायबरेली जिला जेल का है, जहां बैरक नंबर 10 से पांच अपराधी जेल की इस बैरक में असलहे, कारतूस, चखना और शराब की पार्टी कर मौज उड़ा रहे। यही नहीं ये अपराधी मोबाइल से धमकाते भी सुनाई दे रहे, जिसका वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो में मनमानी शराब और पैसे मंगवाने वाला शख्स अंशु दीक्षित है। जोकि सीतापुर, लखीमपुर, लखनऊ हरदोई, प्रतापगढ़ और इलाहाबाद में लूट हत्या, सुपारी किलिंग जैसे तमाम वारदातों को अंजाम दे चुका है।

सामने आई है डिप्टी जेलर को 5 हजार रुपए देने की बात
आपको बता दें कि लखनऊ विश्वविद्यालय छात्र नेता विनोद त्रिपाठी की हत्या के मामले में अंशु दीक्षित का नाम सामने आया था। वीडियो में अंशु दीक्षित के साथ अजीत चौबे, सिंगार सिंह, सोहराब और निखिल सोनकर नजर आ रहे हैं। यह अपराधी बैरक नंबर 10 में बिना किसी भय के साथ शराब और चखने के साथ पार्टी कर रहे हैं। रायबरेली जिला जेल प्रशासन की मिलीभगत से इन अपराधियों को जिला जेल में मनमाना खाना शराब और उसके साथ चखना भी मिल रहा है। अपराधी जेल में सिगरेट का धुआं उड़ाते हुए सरकारी मशीनरी को आईना दिखा रहे है। खास बात ये है कि जेल में बंद अपराधी फोन पर अपने साथी को 10 हजार रुपये में से 5 हजार रुपए डिप्टी जेलर को देने की बात कह रहा है। ऐसे में यह तो तय है की कुख्यात अपराधियों के लिए जेल प्रशासन रुपए लेकर सारी सुविधाएं मुहैया करवाता है, जिसका जीता जागता सबूत यह वीडियो है।
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