खेत से लौटते किसान को जीप से टक्कर मारी, घिसटता रहा शव, उठाने के बजाए मौके से भाग खड़े हुए सिपाही
फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश में फर्रुखाबाद के जहानगंज थाना प्रभारी की जीप ने खेत से लौट रहे किसान को सरेराह रौंद डाला। किसान जीप गाड़ी की चपेट में इस कदर आया कि काफी दूर तक बंपर में घिसटता रहा। उसके वहीं मर जाने के बाद सिपाही मौके से भाग खड़े हुए। वहां से कुछ दूरी पर मौजूद स्थानीय लोगों ने शव को उठाया। इसके बाद परिजनों सहित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दी।

स्पीड़ में अंधे सिपाहियों ने किसान को कुचला
संवाद सूत्रों ने बताया कि घटना बहोरिकपुर मोहम्दाबाद रोड की है। यहां थाना प्रभारी की जीप ने एक किसान को टक्कर मारी, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। स्थानीय लोगों के जुटने पर एएसपी, विधायक समेत भारी पुलिस बल वहां पहुंचा। उन्होंने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। भीड़ नहीं हटी तो पुलिस ने बल प्रयोग किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। लेकिन सिपाहियों ने शव पर एक मीटर कपड़ा भी नहीं डाला।
गरीब परिवार का था किसान, पुलिस ने दिखाई धौंस
मृतक की पहचान थाना जहानगंज के नगला रूप निवासी राम अवतार (55) के रूप में हुई। उनके चार बेटियां और चार बेटे हैं। वह मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करते थे। देर शाम खेत में पानी लगाकर लौट रहे थे, तभी पुलिस की जीप रामअवतार को टक्कर मारते हुए उन्हें घसीटते ले गई। उसके बाद सड़क किनारे छोड़ पुलिसकर्मी भाग गए।

इस मामले में एएसपी त्रिभुवन सिंह समेत कई आलाधिकारियों को शव पोस्टमार्टम के लिए ले जाने की इतनी जल्दी थी, कि उन्होंने लापरवाही बरतते हुए मौके पर शव को सील तक नहीं किया। खुला हुआ शव गाडी में भर लिया। गाडी को ले जाकर घटना स्थल से तक़रीबन 12 किलोमीटर दूर थाने पर जा खड़ा किया।
आरोपी सिपाहियों को बचाने में लगे रहे आलाधिकारी
वहीं, पुलिस को फंसता देख सीओ ने कमान संभाल ली। अमृतपुर सीओ ने बिना पढ़े लिखे परिजनों का पूरा फायदा उठाया। परिजनों से मनमाफिक तहरीर लिखवाई। शिकायत में परिजनों ने कई बार सीओ से कहा कि थाना जहानगंज पुलिस की गाडी का नाम नहीं लिखा है, तो सीओ ने धमकाया। परिजनों ने रिपोर्ट में कई खामियां बताईं हैं।












Click it and Unblock the Notifications