UP Panchayat Chunav 2026: यूपी पंचायत चुनाव में CM Yogi ले सकते हैं बड़ा फैसला, जानें डिटेल
UP Panchayat Chunav 2026: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले पंचायत चुनाव को विधानसभा चुनाव से पहले का सेमीफाइनल मुकाबला माना जा रहा है। बीजेपी शहर से लेकर गांव-गांव के बूथ स्तर तक अपनी संगठन क्षमता मजबूत करना चाहती है। इस बार के पंचायत चुनाव में सीएम योगी आदित्यनाथ कुछ बड़े बदलाव करने की तैयारी में हैं। प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने इस बारे में संकेत दिया है।
ओपी राजभर ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ को कुछ सुझाव दिए गए हैं और मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख चुनाव की प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए जा सकते हैं।

UP Panchayat Chunav 2026 में होगा बड़ा बदलाव
उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी चल रही है। पिछली बार पंचायत चुनाव 2021 में मई-जून में हुआ था। राज्य सरकार ने ग्राम पंचायतों को परिसीमन के लिए निर्देश दे दिया है। इस बार पंचायत चुनाव में जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख का चुनाव सीधे जनता के द्वारा कराया जा सकता है। इस संबंध में सीएम योगी ने अधिकारियों से प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा है। राज्यमंत्री ओपी राजभर ने कहा कि इस बारे में मैंने सीएम योगी के साथ पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को भी सुझाव दिया है।
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UP Panchayat Chunav 2026 के लिए तैयारियां शुरू
उत्तर प्रदेश में पिछला त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अप्रैल-मई 2021 में हुआ था। नियम के मुताबिक, कार्यकाल खत्म होने के 6 महीने पहले से लेकर 6 महीने बाद तक में अगले चुनाव संपन्न कराया जाना अनिवार्य है। पंचायत चुनाव के लिए प्रदेश सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। पंचायत चुनाव को बीजेपी हल्के में नहीं लेना चाहती है। इससे ही पार्टी की ग्रामीण और निचले स्तर तक की संगठन क्षमता और मजबूती का आकलन किया जा सकेगा। बताया जा रहा है कि परिसीमन का काम जून में पूरा कर लिया जाएगा।
पारदर्शी चुनाव प्रणाली के लिए जनता सीधे चुने प्रतिनिधि
जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख के चुनाव प्रत्यक्ष कराने के पीछे सबसे बड़ा तर्क दिया जा रहा है कि इससे चुनावों में पारदर्शिता आएगी। इससे निचले स्तर पर चुनाव में धनबल और बाहुबल के प्रभाव को कम किया जा सकेगा। साथ ही, जनता सीधे प्रतिनिधियों को चुनेगी तो निष्पक्षता के साथ पारदर्शिता और जिम्मेदारी का भाव भी होगा।
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