UP Nikay Chunav: ' बसपा की बागडोर उनके हाथ जिनका कोई जनाधार नहीं', बसपा नेता ने क्यों लगाया मायावती पर ये आरोप
UP Nikay Chunav: उत्तर प्रदेश में बसपा की मुखिया मायावती की पार्टी के भीतर से ही उनके उपर सवाल उठने लगे हैं। बसपा के एक नेता ने मायावती को पत्र लिखकर चुनाव में मिली हार पर नाराजगी जतायी है।

BSP national president Mayawati: उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव सम्पन्न हो गया है। निकाय चुनाव में इस बार बसपा को करारा झटका लगा है। 2024 चुनाव से पहले यह चुनाव बसपा के लिए काफी अहम माना जा रहा था और इसको लेकर बसपा की मुखिया मायावती ने इस बार 11 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया था लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। परिणामों से निराश मायावती अब समीक्षा करेंग। इस बीच पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने निकाय चुनाव में मायावती के प्रचार न करने को लेकर उनको पत्र लिखकर नाराजगी जतायी है।
18 मई को मायावती करेंगी हार की समीक्षा
बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती 18 मई को निकाय चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन की समीक्षा करेंगी लेकिन पार्टी के भीतर से ही विरोध के स्वर उठने शुरू हो गए हैं। मायावती इस बैठक में चुनाव में मिली हार की खामियों और 2024 से पहले उनके निदान पर चर्चा करेंगी। हालांकि बैठक से पहले ही बसपा के वरिष्ठ नेता के पत्र ने बसपा के भीतर नई हलचल पैदा कर दी है।
बसपा नेता प्रशांत गौतम ने लिखा मायावती को पत्र
बसपा के एक वरिष्ठ नेता प्रशांत गौतम ने पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती को पत्र लिखकर कहा है कि एक तरफ जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित सत्ता पक्ष और अन्य विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता जब चुनाव के दौरान राज्य का दौरा कर रहे थे, उस समय बसपा अध्यक्ष का प्रचार के लिए नहीं निकलने से कार्यकर्ताओं के मनोबल पर इसका गलत असर पड़ा है।
जिनका कोई जनाधार नहीं उनके पास है बागडोर
उन्होंने अपने पत्र में आगे कहा कि पार्टी की बागडोर ऐसे लोगों के हाथ में है जिनमें खुद जनाधार की कमी है। गौतम ने 15 मई को अपने पत्र में कहा कि, मैं ऐसी परिस्थितियों में पार्टी में काम नहीं कर सकता। पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर केवल आर्थिक हित साधने का आरोप लगाया।
निकाय चुनाव में मेयर की एक भी सीट नहीं जीती बीएसपी
राज्य में हाल ही में संपन्न शहरी स्थानीय चुनावों में बसपा को एक भी मेयर सीट नहीं मिली। पार्टी ने सभी 17 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 11 मुस्लिम थे। पार्टी ने 2017 के शहरी स्थानीय चुनावों में मेरठ नगर निगम में मेयर सीट जीती थी, लेकिन इस बार सीट हार गई। हसमत अली मेरठ में पार्टी के उम्मीदवार थे। वह भाजपा, एआईएमआईएम और समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों के बाद चौथे स्थान पर रहे।
मेरठ क्षेत्र के वरिष्ठ नेता हैं प्रशांत गौतम, रह चुके हैं जिलाध्यक्ष
गौतम मेरठ क्षेत्र के वरिष्ठ नेता हैं, जो पूर्व में कई वर्षों तक मेरठ के जिलाध्यक्ष के पद पर रह चुके हैं और पश्चिम यूपी के कई जिलों के प्रभारी रह चुके हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी छोड़ने के बाद जून 2022 में बसपा में फिर से शामिल हो गए। गौतम ने मंगलवार को बसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजे गए पत्र को सार्वजनिक किया। हालांकि पार्टी ने अभी तक उनके निष्कासन पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।












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