UP Nikay Chunav : अखिलेश बोले- भाजपा की हार में आरक्षण की जीत, प्रियंका बोलीं- OBC वर्ग को रिजर्वेशन उनका हक
उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव BJP, समाजवादी पार्टी (SP) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के लिए बड़ी चुनौती है। आरक्षण के मुद्दे पर बीजेपी आलोचनाओं के केंद्र में है। अखिलेश यादव और प्रियंका गांधी ने भाजपा को आरक्षण विरोधी करार दिया

UP Nikay Chunav में आरक्षण का मुद्दा सुर्खियों में है। पूर्व मुख्यमंत्रियों ने भाजपा को आरक्षण विरोधी करार दिया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी भाजपा के रवैये पर सवाल खड़े कर कहा कि ओबीसी वर्ग को आरक्षण मिलना चाहिए। रिजर्वेशन उनका अधिकार है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) चीफ और पूर्व सीएम मायावती ने कहा, निकाय चुनाव में रिजर्वेशन के मुद्दे पर फैसला भाजपा की आरक्षण विरोधी मानसिकता को दिखाने वाला है।
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BJP की मानसिकता- आरक्षण विरोधी
मायावती ने कहा, बहुप्रतीक्षित निकाय चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को आरक्षण पर माननीय हाईकोर्ट का फैसला भाजपा व उनकी सरकार की ओबीसी एवं आरक्षण-विरोधी सोच व मानसिकता दिखाता है।

गलती की सजा देगी जनता !
बकौल मायावती, ट्रिपल टेस्ट से ओबीसी आरक्षण की व्यवस्था समय से निर्धारित कर चुनाव कराए जाने चाहिए थे, जो नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि चुनाव में ओबीसी समाज भाजपा को इस गलती की सजा देगा।
प्रियंका गांधी ने क्या कहा ?
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि ओबीसी वर्ग को आरक्षण उनका अधिकार है। बकौल प्रियंका गांधी, भाजपा का आरक्षण विरोधी रुख बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, सामाजिक न्याय और आरक्षण के समर्थन में पक्ष रखने के समय भाजपा का आरक्षण विरोधी चेहरा सामने आ जाता है। उन्होंने कहा, भाजपा सरकार का रवैया गड़बड़ रहा है, इस कारण OBC वर्ग का महत्वपूर्ण संवैधानिक अधिकार खत्म होने की कगार पर है।
कांग्रेस का विरोध कितना असरदार ?
बीजेपी सरकार पर कांग्रेस के हमलावर तेवर के बीच यह भी दिलचस्प है कि कांग्रेस 33 साल पहले यूपी में नारायण दत्त तिवारी के सीएम रहते सत्ता में थी। उसके बाद लगातार पार्टी का जनाधार घटा है। सियासी तौर पर कांग्रेस प्रदेश में हाशिए पर कैसे है, इसका प्रमाण इस बात से मिलता है कि 403 सदस्यों वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा में महज दो विधायक हैं।
अखिलेश यादव ने भाजपा को आड़े हाथों लिया
समाजवादी पार्टी ने कहा, पहले पिछड़ों आरक्षण मिले उसके बाद चुनाव कराए जाएं। अखिलेश यादव ने कहा, भाजपा की बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर के दिए संविधान को ख़त्म करने की साज़िश है। निकाय चुनाव में पिछड़ों और दलितों का हक मारने के लिए भाजपा सरकार ने गलत तरीके से आरक्षण किया।
हाईकोर्ट के फैसले पर अफसोस, डिप्टी सीएम बंधुआ जैसे
सपा नेता रामगोपाल यादव ने हाईकोर्ट के फैसले के बाद कहा कि सरकार ने आरक्षण के मुद्दे पर कोर्ट में ठीक से पैरवी नहीं की। ओबीसी आरक्षण खत्म होने का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण और प्रदेश सरकार की साजिश है। सरकार ने यूपी की 60 फीसदी आबादी को आरक्षण से वंचित कर दिया। आक्रोशित राम गोपाल यादव ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की स्थिति बंधुआ मजदूर जैसी करार दिया।
सुप्रीम कोर्ट जा सकती है BJP की गठबंधन सहयोगी
आरक्षण के बिना UP Nikay Chunav कराए जाने पर कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल भी असहज दिखे। उन्होंने कहा, ओबीसी आरक्षण के बिना निकाय चुनाव उचित नहीं। सरकार हाईकोर्ट के फैसले का अध्ययन कर रही है। आशीष पटेल ने चुनौती भरे अंदाज में कहा, जरूरत पड़ने पर ओबीसी वर्ग के लोगों को उनका हक दिलाने के लिए अपना दल (एस) सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटा सकता है।
AAP ने क्या कहा ?
आम आदमी पार्टी (AAP) के संजय सिंह ने कहा, बीजेपी सरकार ने पिछड़ों का हक मारने की साजिश की है। जानबूझकर गलत आरक्षण कराया गया। आम आदमी पार्टी (आप) के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्य सभा सांसद संजय सिंह ने हाईकोर्ट के फैसले से स्पष्ट हो गया है कि भाजपा दलितों, पिछड़ों और शोषित वर्ग की विरोधी है। पिछड़ों को आरक्षण के बिना चुनाव होने पर AAP आंदोलन करेगी।
UP Nikay Chunav पर हाईकोर्ट ने क्या कहा ?
बता दें कि मंगलवार को उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव पर हाईकोर्ट ने बिना OBC आरक्षण के तत्काल चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं।इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कहा, जब तक ट्रिपल टेस्ट न हो, तक तक ओबीसी आरक्षण नहीं होगा। सरकार बिना ओबीसी आरक्षण के चुनाव करवाए। न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की खंडपीठ ने दाखिल 93 याचिकाओं पर अपने फैसले में 5 दिसंबर को जारी ड्राफ्ट नोटिफिकेशन को खारिज कर योगी आदित्यनाथ की सरकार को चुनाव कराने का फरमान सुनाया।
ओबीसी की सीटें जनरल कैटेगरी में होंगी
हाईकोर्ट ने कहा, सरकार ओबीसी आरक्षण देने के लिए एक कमीशन बनाकर ट्रिपल टी फॉर्मूला चुने जिसमें समय लग सकता है। अदालत के फैसले के मुताबिक निकाय चुनाव में ओबीसी के लिए आरक्षित सभी सीटें जनरल कैटेगरी की मानी जाएंगी। कोर्ट के फैसले के बाद यूपी में नगर निकाय चुनाव अधिसूचना जारी होने का रास्ता भी साफ हो गया है।












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