UP nikay chunav: 17 साल बाद UP के मिली किन्रर चेयरमैन, जानें कौन हैं BJP को उसके गढ़ में हराने वाली सोनू
UP nikay chunav, चंदौली जिले के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर नगपालिका में चेयरमैन के पद पर निर्दलीय सोनू किन्नर की जीत हुई। सोनू ने भाजपा की मालती सोनकर को 397 वोट के अंतर से पराजित किया।

उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। नगर निगमों में भले ही बीजेपी ने क्लिन स्वीप किया है। लेकिन नगर पंचायत और नगर पालिका के स्तर पर बीजेपी को सपा और निर्दलीय प्रत्याशियों से कड़ी टक्कर मिली है। इन चुनावों में चंदौली जिले की दीनदयाल उपाध्याय नगर पालिका परिषद सुर्खियों में रही।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के गृह जनपद चंदौली की दीनदयाल उपाध्याय नगर पालिका परिषद पर बीजेपी को छकाते हुए निर्दलीय प्रत्याशी सोनू किन्नर ने जीत हासिल की है। जिसने हर किसी को चौंका दिया है।
बीजेपी के वर्चस्व वाले जिले में एक किन्नर द्वारा भाजपा उम्मीदवार को पटखनी देकर चेयरमैन पद कब्जाने को बड़ी बात माना जा रहा है। हालांकि सोनू किन्नर को यह सीट काफी मुश्किलों के बाद मिली। चुनावों में धांधली का आऱोप लगाते हुए किन्नर समाज ने जमकर हंगामा किया था।
मतगणना में धांधली का आरोप लगाते हुए मतगणना केंद्र के बाहर सुरक्षा में तैनात पुलिस और निर्दल किन्नर प्रत्याशी के किन्नर समर्थक आपस मे भीड़ गए थे। रिकाउंटिंग के बाद सोनू ने भाजपा की मालती सोनकर को 397 वोट के अंतर से पराजित किया।
यूपी के इतिहास सोनूतीसरी किन्नर हैं। जो किसी शहरी निकाय के प्रमुख का पद संभालने जा रही हैं। लेकिन उनका यहां तक सफर काफी दर्द भरा रहा है। सोनू किन्नर का बचपन बेहद गरीबी में गुजरा है। पिता की मौत के बाद सोनू किन्नर ने नाच गा कर परिवार का पालन किया।
10 वर्ष की उम्र में पता चला कि वह सामान्य लड़की नहीं बल्कि किन्नर हैं। घर में गरीबी थी। बचपन में ही पिता की मौत के बाद घर में कोई कमाने वाला भी नहीं था। सोनू ने पैसे कमाने के लिए नाचना शुरू कर दिया। 42 साल के सोनू 25 साल पहले घर परिवार छोड़ किन्नरों की टोली में शामिल हुई थीं। गुरु गुलाब के निधन के बाद मुगलसराय नगर के नई बस्ती इलाके में स्थित किन्नर गद्दी सोनू को मिली।
सोनू किन्नर अपने अच्छे व्यवहार के चलते पूरे कस्वे में सबकी चहेती हैं। उनका स्वाभाव ही उन्हें चुनाव जिताने में सफल रहा। सोनू किन्नर उत्तर प्रदेश में तीसरी किन्नर हैं, जिन्होंने चेयरमैन की कुर्सी संभाली है। सोनू से पहले 2001 के निकाय चुनाव में गोरखपुर में किन्नर आशा देवी ने ऐसा रिकॉर्ड बनाया था वहीं, 2006 में मीरजापुर की अहरौरा नगर पालिका से किन्नर रेखा चेयरमैन बनीं। 17 वर्षों बाद यूपी में कोई किन्नर शहरी निकाय के प्रमुख का पद संभालने जा रही है।












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