UP News: यूपी का कौन सा एक्सप्रेस वे बनेगा सोलर एक्सप्रेस वे, जानिए कैसे मिलेगा फायदा
UP Expressway: उत्तर प्रदेश सरकार ने अब यूपी में एक्सप्रेस को सोलर एक्सप्रेस वे बनाने की कवायद शुरू कर दी है। इसका मुख्य उद्देश्य यूपी की बिजली जरुरतों को पूरी करना है। अधिकारियों की माने तो इसकी शुरुआत बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे से की जाएगी। ये यूपी का पहला एक्सप्रेस वे होगा जो सोलर एक्सप्रेस वे कहलाएगा।

बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे के किनारे 1700 हेक्टेयर में लगे सोलर प्लांट से 550 मेगावाट बिजली पैदा होगी। उत्तर प्रदेश सरकार बुन्देलखण्ड एक्सप्रेसवे के किनारे 1700 हेक्टेयर भूमि पर सौर संयंत्र स्थापित करने की तैयारी कर रही है जिसका लक्ष्य इसे 550 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पन्न करने वाले राज्य के पहले सौर एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित करना है।
इस सोलर प्लांट से राज्य सरकार का लक्ष्य एक्सप्रेसवे के किनारे एक लाख घरों में बिजली पहुंचाना है। परियोजना का अनुमानित जीवनकाल 25 वर्ष है।
राज्य सरकार की संस्था उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) इस परियोजना को क्रियान्वित करेगी। परियोजना से संबंधित ड्यू डिलिजेंस अध्ययन रुचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) चरण के साथ पूरा हो चुका है जो अगस्त 2023 में संपन्न हुआ।
राज्य सरकार के अनुसार, पिछले महीने, आठ प्रमुख सौर ऊर्जा डेवलपर्स ने परियोजना पर सरकारी अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुतियाँ दीं। इन कंपनियों में टस्को लिमिटेड, टोरेंट पावर लिमिटेड, सोमाया सोलर सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, 3आर मैनेजमेंट लिमिटेड, अवाडा एनर्जी लिमिटेड, अटरिया बृंदावन पावर लिमिटेड, एरिशा ई मोबिलिटी और महाप्रीत शामिल हैं।
दरअसल, 296 किमी लंबा चार लेन वाला बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे दो भागों में विभाजित है। मुख्य कैरिजवे और एक सर्विस लेन। इन दोनों के बीच की जगह में पूरे एक्सप्रेसवे पर लगभग 15 से 20 मीटर चौड़ी जमीन की एक पट्टी फिलहाल खाली है। इस क्षेत्र को सौर पैनलों से कवर करने, कृषि भूमि को अलग करने और बाड़ लगाने की योजना है।












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