UP News: तो क्या 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ेंगी मायावती? बड़े नेताओं के लिए ये है तैयारी

Lucknow News: देश में अगले साल होने वाले आम चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj Party) अपनी तैयारी में लगी हुई है। बसपा की चीफ मायावती (Mayawati) ने कुछ दिन पहले ही अपने भतीजे आकाश आनंद को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था। अब बसपा के सूत्रों की माने तो पार्टी के कैडर को बूस्टअप करने के लिए खुद मायावती भी लोकसभा चुनाव के मैदान में उतर सकती हैं। इनके साथ ही सतीश मिश्रा और आकाश आनंद भी चुनावी मैदान में नजर आ सकते हैं।

मायावती

कार्यकर्ताओं को बूस्टअप करने की तैयारी

बसपा के एक पदाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पार्टी का मानना है कि बड़े चेहरों को लोकसभा चुनाव में उतरना चाहिए। इससे कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार होता है। जिस तरह से पीएम मोदी समेत बीजेपी के सभी बड़े नेता मैदान में उतरते हैं उसी तरह बसपा के बड़े चेहरों को मैदान में क्यों न उतारा जाए। इसके लिए सीटों का चयन किया जाएगा।

सतीश मिश्रा, आकाश आनंद के लिए खोजी जा रही सीट

बसपा के नेता ने बताया कि सतीश मिश्रा और आकाश के लिए सीट तलाशी जा रही है। इनका चुनाव में उतरना लगभग तय है। जहां तक बसपा चीफ का सवाल है तो यह उनके उपर छोड़ा गया है। यदि वह लोकसभा चुनाव में उतरना चाहती हैं तो वह पार्टी की ओर से चयन की गई सीट से उतरेंगी।

नए प्रयोग के साथ मैदान में उतरना चाहती है बसपा

बसपा के सूत्रों की माने तो पार्टी इस बार के चुनाव में नए प्रयोग और नए तेवर के साथ उतरने का मूड बना चुकी है। इसीलिए प्रयोग के तौर पर इस बार बड़े नेताओं को चुनाव में उतारने की प्लानिंग की जा रही है। बताया जा रहा है कि यह प्रयोग ही बसपा के आगे की रणनीति का हिस्सा है।

बसपा के प्रदेश अध्यक्ष भी लड़ेंगे चुनाव

बताया जा रहा है कि आकाश आनंद के लिए बिजनौर की सीट मुफीद बतायी जा रही है। यह वही सीट है जहां से मायावती पहली बार 1989 में लोकसभा पहुंची थीं। इस सीट का समीकरण बसपा के पक्ष में है। यहां दलित और मुस्लिम वोटर ज्यादा हैं इसलिए ये सीट आकाश के लिए सही बतायी जा रही है। वहीं सतीश मिश्रा के लिए कानपुर या अकबरपुर सीट चिन्हित की गई है। इसी तरह बीएसपी के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल के लिए अयोध्या या कानपुर की सीट से लड़ाया जा सकता है।

बड़े नेताओं का उतरना पार्टी की सेहत के लिए अच्छा

राजनीतिक विश्लेषक राजीव रंजन सिंह ने वनइंडिया से बातचीत के दौरान कहा कि मायावती पर हमेशा से ही जमीन पर न उतरने का आरोप लगता रहा है। विपक्षी पार्टियां यह आरोप लगाती रही हैं कि बसपा की चीफ न तो सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करती दिखाईं देती हैं न ही विधानसभा या लोकसभा चुनाव में चुनाव लड़ती दिखती हैं। लेकिन यदि इस तरह की खबरें सामने आ रही हैं कि मायावती लोकसभा चुनाव में दावेदारी कर सकती हैं तो यह पार्टी की सेहत के लिए अच्छा कदम होगा।

यूपी में अपने दम पर सरकार बना चुकी है बसपा

बसपा ने अपने दम पर 2007 में यूपी में सरकार बनाई थी। यूपी में 2007 से लेकर 2012 तक सरकार रही। 2012 के बाद से ही बसपा कई चुनाव हार चुकी है। इसके पीछे जनता से दूरी भी माना जा रहा है। 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा ने सपा के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा था जिसमें उसको दस सीटों पर जीत हासिल हुई थी। लेकिन अबकी बार मायावती भी पार्टी में नए प्रयोग के तौर पर दिखायी दे रही हैं।

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