UP News: बिजली कटौती से बढ़ा जनआक्रोश, अखिलेश बोले- सरकार ने जनता के भरोसे के खंभे तक गिरा दिए
UP News: उत्तर प्रदेश में गर्मी के साथ बिजली संकट ने भी जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अघोषित बिजली कटौती और बेहिसाब बिलों के बीच अब विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को प्रदेश की बिजली व्यवस्था पर हमला बोलते हुए कहा कि अब राज्य में बिजली विभाग का ट्रांसफॉर्मर 'उड़' चुका है और जनता का सरकार से भरोसा भी 'उखड़' गया है।
अखिलेश ने कहा कि भाजपा सरकार में बिजली विभाग की हालत बद से बदतर हो चुकी है। मंत्री और अधिकारियों के बीच कोई तालमेल नहीं है और जन आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार न तो उत्पादन बढ़ा पाई, न ही वितरण व्यवस्था में कोई सुधार कर सकी।

पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश में अब केवल बिजली के भारी-भरकम बिल ही आ रहे हैं, जबकि बिजली खुद नदारद है। आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ता जा रहा है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर कुछ भी ठोस नहीं मिल रहा।
गांव-कस्बों की हालत का अंदाजा लगाना मुश्किल
अखिलेश यादव ने कहा कि बिजली संकट राजधानी लखनऊ तक पहुंच चुका है। शहर के कई इलाकों में दिन-रात कटौती हो रही है। छात्र, व्यापारी और आमजन सभी परेशान हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राजधानी की यह स्थिति है, तो बाकी जिलों और ग्रामीण इलाकों की हालत कैसी होगी?
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि जब तक लोग उपकेंद्रों पर प्रदर्शन नहीं करते, सरकार हरकत में नहीं आती। उन्होंने इसे सरकारी मशीनरी की असफलता बताते हुए कहा कि जनसुनवाई का कोई स्पष्ट ढांचा ही नहीं बचा है।
उत्पादन शून्य, भ्रष्टाचार चरम पर
सपा अध्यक्ष का दावा है कि भाजपा सरकार ने अपने पूरे कार्यकाल में बिजली उत्पादन का एक भी नया प्रोजेक्ट शुरू नहीं किया। उन्होंने कहा कि जो बिजली आज लोगों को मिल रही है, वह समाजवादी सरकार के समय बने संयंत्रों से आ रही है।
उनका कहना है कि उत्पादन का पहिया जाम है, संचार व्यवस्था ठप है और डिस्ट्रीब्यूशन के नाम पर भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है। यादव ने पूछा कि आखिर नौ साल में भाजपा ने बिजली के क्षेत्र में क्या नया किया?
किसानों को नहीं मिल रही सिंचाई के लिए बिजली
अखिलेश यादव ने बिजली संकट के कारण किसानों की दुर्दशा पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार न तो शहरों में बिजली दे पा रही है और न ही गांवों में। सिंचाई के लिए जरूरी बिजली नहीं मिल पा रही, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि बिजली संकट से औद्योगिक इकाइयों और व्यापारिक गतिविधियों पर भी नकारात्मक असर पड़ा है। गर्मी के दिनों में अस्पताल, स्कूल और अन्य आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
सपा अध्यक्ष ने सरकार पर जनमुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब जनता बिजली की मांग करती है, तो सरकार बयानबाजी तक ही सीमित रह जाती है। जमीन पर कोई कार्रवाई नहीं दिखती।












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