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यूपी में छात्र को थप्पड़ मारने का मामला, SC ने यूपी सरकार से कहा- स्कूल खर्च के लिए ढूंढे जाएं प्रायोजक

यूपी के मुजफ्फरनगर जिले में छात्र को थप्पड़ मारने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिए हैं। अदालत ने मामेल में पीड़ित बच्चों की शिक्षा पर आने वाले खर्च की व्यवस्था के लिए प्रायोजक ढूंढने को कहा है।

सरकार की ओर मामले में दी गई दलीलों को सुनने के बाद सर्वोच्च अदालत ने स्पष्ट कहा कि यूपी सरकार को पीड़ित बच्चों के खर्च के लिए ऐसे प्रायोजक ढूंढने होंगे, जो खुलकर साने आएं और ये कहें कि बच्चें की स्कूली शिक्षा पूरी होने तक पूरा खर्च उठाया जाएगा।

Supreme Court

मुजफ्फरनगर में छात्र को थप्पड मारने के लिए उकसाने और थप्पड मारने के मामले में इससे पहले यूपी सरकार को एक और निर्देश दिए थे। जिसमें पीड़ित छात्र को उचित अभियोजक उपलब्ध कराने को कहा गया। मामले में कोर्ट ने एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को नामित करने को कहा था।

इससे पहले की कार्यवाही में कोर्ट ने पीड़ित बच्चे के पिता की ओर से दायर एक अर्जी पर भी सुनवाई की थी। आवेदन में बच्चे की ट्यूशन फीस की प्रतिपूर्ति, परिवहन और स्टेशनरी, स्कूल वर्दी और इसी तरह की चीजें प्रदान करने के लिए प्रार्थनाएं शामिल थीं। इसे लेकर कोर्ट ने राज्य को इन प्रार्थनाओं के अनुपालन के संबंध में हलफनामा दायर करने का आदेश दिया था। वहीं अब अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि सरकार को उन प्रायोजकों के स्पष्ट रूप से सामने लाना होगा, जो स्पष्ट रूप से बच्चों का स्कूली खर्च उठाने की जिम्मेदारी ले सकें।

न्यायालय ने राज्य की इस दलील को भी दर्ज किया था कि वह एक उपयुक्त एनजीओ ढूंढने की प्रक्रिया में है जो बच्चे की मदद करने में सक्षम होगा। इसके अलावा, प्रसाद ने अदालत को यह भी बताया कि बच्चे को गोद लेने के लिए शारडेन पब्लिक स्कूल से अनुरोध किया गया था।

वहीं मुजफ्फरनगर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार चौहान ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शारदेन पब्लिक स्कूल को पत्र भेजे गए है, लेकिन उन्होंने अभी तक पीड़ित छात्र को निशुल्क पढ़ाने पर सहमति नहीं जताई है। उन्होंने कहा कि फिलहाल विभाग की पीड़ित छात्र की फीस दे रहा है। हालांकि अभी एक ट्रस्ट भी उनके संपर्क में आया है, जो पीड़ित छात्र को गोद लेने के लिए तैयार है। उनसे बातचीत जाती है। जल्द ही समाधान किया जा जाएगा।

कक्षा तीन में पढ़ रहा पीड़ित छात्र
बीएसए ने बताया कि छात्र नए सत्र 2024-25 में कक्षा तीन में आया है, जिसके लिए नई किताबें भी छात्र को दिला दी गई हैं। इसकी पूरी रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी। हालांकि, अभी तक एनजीओ की व्यवस्था नहीं हो सकी है। एनजीओ मिलते ही कोर्ट में उसका बायोडाटा भी पेश करना होगा। उन्होंने कहा कि पीड़ित छात्र शहर के ही शारदेन स्कूल में कक्षा तीन में पढ़ाई कर रहा है।\

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