यूपी के विधान परिषद चुनाव में कौन-कौन होंगे भाजपा के उम्मीदवार, ये नाम सबसे आगे
भाजपा ने हालांकि अभी आधिकारिक तौर पर एमएलसी चुनावों के लिए उम्मीदवारों का ऐलान नहीं किया है लेकिन कुछ नाम टिकट की दौड़ में सबसे आगे बताए जा रहे हैं।
नई दिल्ली। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले यूपी में विधान परिषद के चुनाव का शंखनाद हो चुका है। बसपा सुप्रीम मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की जोड़ी एक बार फिर इन चुनावों में उतर चुकी है। राज्यसभा चुनाव में हार का मुंह देख चुके बसपा उम्मीदवार भीमराव अंबेडकर को पार्टी ने इस बार विधान परिषद के टिकट पर मैदान में उतारा है और सपा ने वादा किया है कि वो हर कीमत पर मायावती के उम्मीदवार की जीत तय करेगी। इस बीच भारतीय जनता पार्टी के संभावित एमएलसी उम्मीदवारों की सूची भी सामने आई है।

ये हो सकते हैं भाजपा के उम्मीदवार
भाजपा ने हालांकि अभी आधिकारिक तौर पर एमएलसी चुनावों के लिए उम्मीदवारों का ऐलान नहीं किया है लेकिन कुछ नाम टिकट की दौड़ में सबसे आगे बताए जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो यशवंत सिंह, जसवंत सैनी, विजय बहादुर पाठक, अशोक कटारिया, भारत दीक्षित, महेंद्र सिंह, सलिल विश्नोई, विद्यासागर सोनकर, कृष्णा पटेल, सरोजनी अग्रवाल, श्यामदेव राय चौधरी और बुक्कल नवाब विधान परिषद चुनाव में भाजपा के संभावित प्रत्याशी हो सकते हैं। विधान परिषद के चुनाव के लिए नामांकन करने की आखिरी तारीख 16 अप्रैल है।

अनुप्रिया पटेल और मां कृष्णा पटले में समझौता
इस बीच सूत्रों के हवाले से ही यह भी खबर है कि अपना दल की अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल और उनकी मां कृष्णा पटले में भी समझौता हो गया है। समझौता होने के बाद कृष्णा पटेल को विधान परिषद चुनाव में उम्मीदवार बनाया जा रहा है। आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव के बाद अनुप्रिया पटेल और उनकी मां कृष्णा पटेल में विवाद हो गया था।

बसपा से भीमराव अंबेडकर मैदान में
इससे पहले गुरुवार को बसपा उम्मीदवार भीमराव अंबेडकर ने विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन किया। गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी ने विधान परिषद चुनाव में बसपा उम्मीदवार को समर्थन देने का ऐलान किया है। राज्यसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी की हार से सबक लेते हुए सपा ने यह भी कहा कि है इस बार वो पहले भीमराव अंबेडकर की जीत तय करेगी और उसके बाद अपने प्रत्याशी को जिताएगी।












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