UP News: योगीराज में शिक्षा का कायाकल्प! प्राइमरी टीचरों की अब होगी ऑनलाइन हाजिरी
उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता लाने के लिए योगी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से स्कूल शिक्षा निदेशक के नाम से एक नया शासनादेश जारी किया गया है, जिसके तहत परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों के लिए ऑनलाइन हाजिरी (Attendance) दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है।
योगी सरकार का यह फैसला शिक्षा में गुणवत्ता सुनिश्चित करने और शिक्षकों की समयबद्ध उपस्थिति (Punctuality) को ट्रैक करने की दिशा में एक सराहनीय पहल मानी जा रही है।

एक घंटे की छूट, फिर सिस्टम लॉक
सरकार ने शिक्षकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आदेश में थोड़ी मोहलत दी है। नए आदेश के तहत, शिक्षकों को स्कूल शुरू होने के बाद हाजिरी दर्ज करने के लिए एक घंटे की मार्जिन अवधि दी गई है। हालांकि, यह साफ कर दिया गया है कि हाजिरी केवल ऑनलाइन ही दर्ज होगी। शासनादेश में स्पष्ट कहा गया है कि इस एक घंटे की अवधि समाप्त होते ही डिजिटल सिस्टम ऑटोमेटिक लॉक हो जाएगा, जिससे समय पर स्कूल न पहुंचने वाले शिक्षकों पर लगाम लगेगी।
नेटवर्क समस्या का भी हुआ समाधान: 'ऑफलाइन कम ऑनलाइन'
पिछली बार जब ऑनलाइन हाजिरी का आदेश आया था, तब शिक्षकों ने नेटवर्क की समस्या का हवाला देते हुए इसका कड़ा विरोध किया था, जिसके बाद सरकार को फैसला वापस लेना पड़ा था। लेकिन इस बार योगी सरकार ने पिछली समस्याओं को देखते हुए पुख्ता समाधान तैयार किया है।
- जिन स्कूलों में इंटरनेट या नेटवर्क की समस्या है, वहां शिक्षक की उपस्थिति पहले ऑफलाइन मोड में रिकॉर्ड की जाएगी।
- जैसे ही नेटवर्क वापस आएगा, यह ऑफलाइन दर्ज की गई हाजिरी ऑटोमेटिक डिजिटल सिस्टम से सिंक (Sync) हो जाएगी और ऑनलाइन दर्ज हो जाएगी।
स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को यह उपस्थिति अपडेट करने की जिम्मेदारी दी गई है। आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर प्रधानाध्यापक इस जिम्मेदारी में आपत्ति जताते हैं, तो उनसे यह चार्ज लेकर किसी अन्य योग्य अध्यापक को सौंप दिया जाएगा। यह कदम योगी सरकार के शिक्षा विभाग को तकनीक-आधारित और जवाबदेह बनाने के संकल्प को दर्शाता है।












Click it and Unblock the Notifications