UP Electricity: अनावश्यक बिजली कटौती और फॉल्स बिलिंग पर सीएम योगी सख्त, अफसरों को दिए कड़े निर्देश
UP Electricity: गर्मी और उमस से बेहाल उत्तर प्रदेश की जनता को अब बिजली संकट से राहत मिलने वाली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऊर्जा विभाग को कड़े निर्देश देते हुए कहा है कि अब ट्रिपिंग, फॉल्स बिलिंग और बिना वजह की कटौती किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएम ने साफ कर दिया कि बिजली अब केवल एक सेवा नहीं, बल्कि जनता के भरोसे का प्रतीक बन चुकी है।
लखनऊ में हुई उच्चस्तरीय बैठक में सीएम योगी ने बिजली व्यवस्था की जमीनी हकीकत जानने के बाद अफसरों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि राज्य में न संसाधनों की कमी है, न बिजली की और न ही फंड की। ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही अब माफ नहीं की जाएगी। जनता को समय पर सही बिल, बिना कटौती और निर्बाध आपूर्ति मिलनी ही चाहिए।

प्रदेश में जून 2025 में रिकॉर्ड 31,486 मेगावाट बिजली की मांग पूरी की गई, जिसकी मुख्यमंत्री ने तारीफ तो की, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी कि यह उपलब्धि तभी मायने रखती है जब आम उपभोक्ता को इसका फायदा मिले। उन्होंने कहा कि शहरी, ग्रामीण और तहसील स्तर पर बिजली की निरंतरता में कोई अंतर नहीं होना चाहिए।
हर मीटर हो स्मार्ट, हर बिल हो सही
मुख्यमंत्री ने बैठक में बिजली वितरण कंपनियों को निर्देश दिए कि स्मार्ट मीटरिंग की प्रक्रिया तेज की जाए। अब तक 31 लाख उपभोक्ता स्मार्ट मीटर से जुड़ चुके हैं, लेकिन इसे ब्लॉक स्तर तक पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इससे फॉल्स बिलिंग और ओवरचार्जिंग जैसी शिकायतें अपने आप खत्म होंगी।
साथ ही सीएम ने कहा कि हर उपभोक्ता को समय पर सटीक और पारदर्शी बिल मिले, यह विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ओवरबिलिंग जैसी गड़बड़ियां जनता का भरोसा तोड़ती हैं और विभाग की छवि को भी नुकसान पहुंचाती हैं। इस दिशा में हर स्तर पर निगरानी और जवाबदेही तय होनी चाहिए।
लाइन लॉस हो कम, बिजली उत्पादन हो अधिक
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर डिस्कॉम को तकनीकी और वाणिज्यिक नुकसान (लाइन लॉस) को चरणबद्ध तरीके से कम करने के लिए स्पष्ट रणनीति बनानी होगी। उन्होंने ट्रांसफॉर्मर क्षमता बढ़ाने, फीडर की तकनीकी जांच और वितरण तंत्र को अपग्रेड करने के निर्देश भी दिए।
प्रदेश की वर्तमान उत्पादन क्षमता 11,595 मेगावाट है, जिसे घाटमपुर, खुर्जा, पनकी और मेजा जैसी परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद 16,000 मेगावाट से ज्यादा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं की साप्ताहिक मॉनिटरिंग और समय से पूरा होने पर विशेष ध्यान देने को कहा।
किसानों को मिले सौर ऊर्जा का साथ
कृषि क्षेत्र के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि कृषि फीडरों को अलग करने की प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाए। इसके साथ ही सभी ट्यूबवेलों को सोलर एनर्जी से जोड़ने का काम प्राथमिकता से हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत किसानों को दी जा रही सौर ऊर्जा सुविधा को ज्यादा प्रभावी बनाया जाए।
सीएम योगी ने कहा कि यह बदलाव किसानों को दीर्घकालिक राहत देगा और पारंपरिक बिजली पर निर्भरता भी घटेगी। इससे न केवल बिजली की बचत होगी बल्कि किसानों को सस्ती और भरोसेमंद ऊर्जा उपलब्ध होगी।
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि बिजली अब ट्रांसफॉर्मर और वायरिंग तक सीमित तकनीकी विषय नहीं, बल्कि यह शासन की संवेदनशीलता और जनता की अपेक्षा का आईना है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को यह अनुभव होना चाहिए कि राज्य सरकार उसे बिना भेदभाव और पारदर्शी तरीके से बिजली उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने सभी डिस्कॉम अधिकारियों को चेतावनी दी कि अब जवाबदेही तय की जाएगी। हर शिकायत, चाहे वह ट्रिपिंग की हो या बिलिंग की, उसे समय पर निपटाया जाना अनिवार्य है। यह सिर्फ प्रशासनिक काम नहीं, बल्कि जनता के प्रति हमारी जिम्मेदारी है।












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