उत्तर प्रदेश में राहुल ही नहीं बहन प्रियंका की भी हार
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की हार न केवल राहुल गांधी के नेतृत्व की विफलता को दर्शाता है बल्कि इसके लिए प्रियंका गांधी भी समान रूप से जिम्मेदार हैं जो चुनाव रणनीति का हिस्सा थीं।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की जनता ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन का नकार दिया है। सपा-कांग्रेस गठबंधन को नकारते हुए यूपी की जनता ने समाजवादी पार्टी के हाथों से सत्ता छीन कर भारतीय जनता पार्टी के हाथों में दे दी है। यूपी में उठी मोदी की आंधी ने तमाम विरोधियों को मुंह के बल गिरा दिया। भाजपा की जीत ने कांग्रेस के अस्तित्व पर सवाल खड़ा कर दिया है। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की हार न केवल राहुल गांधी के नेतृत्व की विफलता को दर्शाता है बल्कि इसके लिए प्रियंका गांधी भी समान रूप से जिम्मेदार हैं जो चुनाव रणनीति का हिस्सा थीं।

स्मृति ईरानी ने प्रदेश में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए कहा कि हार के लिए केवल राहुल को जिम्मेदार ठहराना गलत है। उन्होंने कहा कि यह केवल राहुल गांधी की विफलता नहीं है। गुलाम नबी आजाद बार बार कह चुके थे कि प्रियंका गांधी रणनीति का हिस्सा हैं। इसलिए इस हार के लिए वो बराबर की जिम्मेदार है।
आपको बता दें कि यूपी में कांग्रेस सपा गठबंधन के लिए प्रियंका ने जोर लगाा था। पार्टी की जीत के लिए वो मैदान में उतरी। प्रियंका पहली बार रायबरेली और अमेठी से बाहर निकली, लेकिन वो जीत दर्ज नहीं करवा सकीं। राहुल गांधी के मुकाबले प्रियंका की लोकप्रियता ज्यादा है। वो राहुल के मुकाबले ज्यादा गंभीर और अच्छी वक्ता है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उनकी साख अच्छी है, लेकिन पति राबॉर्ट वाड्रा पर लगे आरोपों की वजह वो पिछड़ जाती है। ऐसे में यूपी चुनाव में एक बार फिर से कांग्रेस की हार राहुल नहीं बल्कि प्रियंका के व्यक्तित्व पर भी सवाल खड़ा कर दिया है।












Click it and Unblock the Notifications