UP में 'बहनजी' को करारी शिकस्त,पंजाब और उत्तराखंड में हार, अस्तित्व के संकट का सामना कर रही बसपा
नई दिल्ली, 10 मार्च। उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा के विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आ गए है। 5 राज्यों में से 4 पर भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी है तो वहीं पंजाब कांग्रेस के हाथों से निकलकर आम आदमी पार्टी के हाथों में पहुंच गई है। इन सब चुनावी नतीजों के बीच बहुजन समाजवादी पार्टी के लिए ये रिजल्ट चौंकाने वाले है। बसपा मुखिया मायावती के लिए अब ये अस्तित्व की लड़ाई बन गई है। खबर लिखे जाने तक मायावती की पार्टी बसपा को उत्तर प्रदेश में 1 सीटों पर, पंजाब में शून्य सीटों पर और उत्तराखंड में 2 सीटों पर आगे चल रही है।

2017 के नतीजों से तुलना करें तो ये चुनावी नतीजे मायावती की पार्टी के अस्तित्व पर सवाल उठा रहे है। 2017 में पार्टी ने जहां 19 सीटों पर जीत हासिल की थी तो वहीं बसपा को 22.3 फीसदी वोट शेयर मिले थे, लेकिन इस बार पार्टी को बड़ा झटका लगा है। इससे पहले 2007 में बसपा ने 206 सीटे जीतकर सरकार बनाई थी। जबकि 2012 में बसपा के खाते में 80 सीटें आई थी। अब वो पार्टी 2022 में 1 से 2 सीटों पर सिमट गई है। साल दर साल पार्टी की सीटें कम होने के साथ-साथ मायावती की पार्टी के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है।
यूपी के अलावा पंजाब में बसपा अपना खाता तक नहीं खोल पाई है। वहीं उत्तराखंड में पार्टी के लिए थोड़ी उम्मीदें बची है। साल 2017 में उत्तराखंड विधानसभा चुनाव बसपा को 6.99 फीसदी वोट शेयर मिले थे। राजनीतिक जानकारों की माने तोभाजपा और सपा की टक्कर में बहुजन समाज पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया और पार्टी चौथे नंबर पर पहुंच गई है। बसपा के खराब प्रदर्शन का आलम यह है कि कभी सरकार बनाने वाली मायावती अब कांग्रेस से भी पिछड़ गई है।












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