DDU University बनारस हिंदू विश्वविद्यालय BHU के साथ करेगा पीएआईआर कार्यक्रम में साझेदारी, होंगे ये बड़े फायदे
DDU University And BHU University Latest News Uttar Pradesh: अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय पार्टनरशिप्स फॉर एक्सेलरेटेड इनोवेशन एंड रिसर्च (PAIR), अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) की पहल, कार्यक्रम के अंतर्गत बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के साथ "सस्टेनेबल वन हेल्थ: ए यूनिफाइड एप्रोच" (Sustainable One Health: A Unified Approach) थीम पर साझेदारी करेगा।
यह कार्यक्रम अनुसंधान क्षमताओं को मजबूत करने और उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच मेंटरशिप को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया है।
*क्या है PAIR कार्यक्रम:*
PAIR कार्यक्रम का उद्देश्य उन संस्थानों में अनुसंधान को प्रोत्साहित करना है जहाँ शोध की संभावनाएँ सीमित हैं। इस कार्यक्रम के तहत उच्च स्तरीय अनुसंधान संस्थानों को "हब संस्थान" और सहयोगी संस्थानों को "स्पोक संस्थान" के रूप में जोड़ा जाता है, जिससे अनुसंधान कार्य को दिशा देने और नवाचार को बढ़ावा देने में सहायता मिलेगी।

• हब संस्थान: बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू), जो अपने समृद्ध अनुसंधान अनुभव और उन्नत बुनियादी ढाँचे के लिए जाना जाता है, इस साझेदारी में हब संस्थान की भूमिका निभाएगा।
• स्पोक संस्थान: दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयूजीयू) स्पोक संस्थान के रूप में कार्य करेगा, जिसे बीएचयू के मार्गदर्शन और सहयोग से अपने अनुसंधान कौशल को उन्नत करने का अवसर मिलेगा।
*साझेदारी का उद्देश्य*
वैज्ञानिक नवाचार को बढ़ावा देना: बीएचयू की विशेषज्ञता का लाभ उठाकर गोरखपुर विश्वविद्यालय में नवाचार संस्कृति को विकसित करना।
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प्रतिस्पर्धी अनुसंधान को समर्थन देना: सामाजिक और वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण विषयों पर संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं को प्रोत्साहित करना।
सहयोगी नेटवर्क को सुदृढ़ करना: डीडीयूजीयू और बीएचयू के बीच अनुसंधान एवं ज्ञान-विनिमय को बढ़ावा देना। संस्थानिक विकास को बढ़ावा देना: डीडीयूजीयू में उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान अवसंरचना और शोध संस्कृति को विकसित करना।
*वित्तीय सहयोग एवं संरचना:*
PAIR नेटवर्क के तहत एक हब संस्थान और अधिकतम सात स्पोक संस्थानों की सहभागिता होगी। अनुसंधान विषय, संस्थानों की संख्या, संकाय सदस्यों की भागीदारी के आधार पर वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। प्रत्येक PAIR नेटवर्क के लिए अधिकतम ₹100 करोड़ तक की धनराशि पाँच वर्षों के लिए स्वीकृत की जा सकती है। बजट का वितरण हब और स्पोक संस्थानों के बीच 30:70 के अनुपात में किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण साझेदारी पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा, "बीएचयू के साथ इस सहयोग से डीडीयूजीयू के अनुसंधान कार्यों को नई दिशा मिलेगी। यह पहल विश्वविद्यालय के अनुसंधान और नवाचार को बढ़ाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हम आशा करते हैं कि यह साझेदारी उच्च गुणवत्ता वाले शोध को बढ़ावा देने और शिक्षा जगत में महत्वपूर्ण योगदान देने में सहायक होगी।"












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