Congress ने बाहरी नेताओं पर लगाया दांव, क्या UP के पुराने कांग्रेसी योद्धाओं से उठ चुका भरोसा ?
लखनऊ, 03 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी वाड्रा के यूपी में पार्टी प्रभारी बनने के बाद से पुराने कांग्रेसियों को दरकिनार बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Smaj Party) को छोड़ने वाले नेताओं को एक बार फिर पुराने योद्धाओं पर प्रमुखता दी गई है। इस साल मार्च में हुए विधानसभा चुनावों में पार्टी की करारी हार के बाद अजय लल्लू ने यूपी कांग्रेस कमेटी के प्रमुख के पद से इस्तीफा देने के महीनों बाद नियुक्तियां की गई हैं। 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस केवल 2 दो सीटें जीतने में सफल रही। पार्टी के एक पूर्व अध्यक्ष की माने तो कांग्रेस के दिग्गज नेताओं से आलाकमान का भरोसा उठ चुका है इसलिए बड़ी संख्या में अब बाहर से आए नेताओं को तरजीह दी जा रही है।

विधानसभा चुनाव में कांग्रेस में कांग्रेस को मिली थी एक सीट
कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा गांधी का एक आक्रामक अभियान और यहां तक कि महिलाओं को 40 प्रतिशत टिकट देने का उनका फैसला भी यूपी में जनता को आकर्षित करने में विफल रहा। 2019 के लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस को सिर्फ एक सीट मिली थी और वह भी उसकी अध्यक्ष सोनिया गांधी (रायबरेली) को। उनके बेटे और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को कांग्रेस के गढ़ अमेठी से भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने हराया था।

प्रदेश अध्यक्ष और 6 प्रांतीय अध्यक्षों की हुई थी नियुक्ति
यूपीसीसी प्रमुख का पद खाली पड़ा था क्योंकि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पांच राज्यों के राज्य प्रमुखों को चुनाव में हार के बाद इस्तीफा देने के लिए कहा था। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर और पंजाब विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने शनिवार को दलित बृजलाल खबरी को अपनी उत्तर प्रदेश इकाई का प्रमुख नियुक्त किया, इसके अलावा आधा दर्जन और नेताओं को उत्तर प्रदेश में क्षेत्रीय प्रमुख के रूप में नियुक्त किया।

2016 में खाबरी ने छोड़ी थी बसपा
खाबरी ने पैसे के लिए टिकट बेचने का आरोप लगाते हुए 2016 में बसपा छोड़ दी थी और बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए थे। वह जालौन निर्वाचन क्षेत्र से पूर्व सांसद हैं। एक सीट जो उन्होंने 1999 में बसपा के सदस्य के रूप में जीती थी। उन्होंने 2022 में ललितपुर की महरौनी सीट से यूपी विधानसभा चुनाव लड़ा, जबकि उनकी पत्नी उर्मिला देवी ने उरई सीट से चुनाव लड़ा, दोनों ने क्रमश: 4,334 और 4,650 वोटों के साथ अपनी जमानत खो दी।

कांग्रेस की नई टीम में तीन बसपाई
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी यूपीसीसी में छह क्षेत्रीय प्रमुख नियुक्त किए। क्षेत्रीय प्रमुख नसीमुद्दीन सिद्दीकी, अजय राय, वीरेंद्र चौधरी, नकुल दुबे, अनिल यादव और योगेश दीक्षित हैं। खबरी के अलावा, नकुल दुबे कुछ महीने पहले ही मायावती द्वारा पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए बसपा से बाहर किए जाने के बाद कांग्रेस में शामिल हो गए थे। सिर्फ दुबे ही नहीं, बसपा के पुराने नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी, जिन्हें भी कुछ साल पहले कांग्रेस में शामिल होने से पहले मायावती ने हटा दिया था, को भी कांग्रेस अध्यक्ष का समर्थन मिला, जिन्होंने उन्हें क्षेत्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया।

पार्टी के दिग्गजों से कांग्रेस आलाकमान का उठ चुका है भरोसा ?
अनिल यादव, जो कभी समाजवादी पार्टी में शामिल होने से पहले बसपा में थे और अंत में कांग्रेस के पाले में आए उन्हें भी यूपीसीसी का क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाया गया। दुबे जहां कांग्रेस के लिए नए हैं, वहीं सिद्दीकी और यादव दोनों ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा है, लेकिन अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए थे। नियुक्तियों पर प्रतिक्रिया देते हुए, एक पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि पार्टी के भविष्य का अंदाजा इस बात से आसानी से लगाया जा सकता है कि आलाकमान अब पार्टी के दिग्गजों पर भरोसा खो चुका है और अपनी ही पार्टी से निकाले गए लोगों को वेटेज दे रहा है। पिछले विधानसभा चुनाव में अपनी जीत सुनिश्चित करने में विफल रही थी और यहां तक कि अपनी जमानत भी गंवा दी थी।

क्या यूपी में RSS का मॉडल अपना रही कांग्रेस
उन्होंने आगे सवाल किया कि पुराने योद्धा उन नेताओं के अधीन कैसे काम करेंगे जो हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए थे और उनके अपने विधानसभा क्षेत्रों में भी कोई अपना जनाधार नहीं है। नेता ने कहा, "हम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की आलोचना कर रहे हैं, लेकिन यूपीसीसी के क्षेत्रीय प्रमुखों की नियुक्ति का मॉडल आरएसएस से लिया गया है, जिसमें अपने संगठन में प्रांतीय अध्यक्ष नियुक्त करने की पुरानी परंपरा है।"
-
Delhi NCR Weather Today: दिल्ली-NCR में होगी झमाझम बारिश, दिन में छाएगा अंधेरा, गिरेगा तापमान -
युद्ध के बीच ईरान ने ट्रंप को भेजा ‘बेशकीमती तोहफा’, आखिर क्या है यह रहस्यमयी गिफ्ट -
Gold Silver Price: सोना 13% डाउन, चांदी 20% लुढ़की, मार्केट का हाल देख निवेशक परेशान -
Ram Navami Kya Band-Khula: UP में दो दिन की छुट्टी-4 दिन का लंबा वीकेंड? स्कूल-बैंक समेत क्या बंद-क्या खुला? -
इच्छामृत्यु के बाद हरीश राणा पंचतत्व में विलीन, पिता का भावुक संदेश और आखिरी Video देख नहीं रुकेंगे आंसू -
'मुझे 10 बार गलत जगह पर टच किया', Monalisa ने सनोज मिश्रा का खोला कच्चा-चिट्ठा, बोलीं-वो मेरी मौत चाहता है -
Petrol-Diesel Shortage: क्या भारत में पेट्रोल-डीजल समेत ईंधन की कमी है? IndianOil ने बताया चौंकाने वाला सच -
कौन हैं ये असम की नेता? जिनके नाम पर हैं 37 बैंक अकाउंट, 32 गाड़ियां, कुल संपत्ति की कीमत कर देगी हैरान -
Iran Vs America: ईरान ने ठुकराया पाकिस्तान का ऑफर, भारत का नाम लेकर दिखाया ऐसा आईना, शहबाज की हुई फजीहत -
LPG Crisis: एलपीजी संकट के बीच सरकार का सख्त फैसला, होटल-रेस्टोरेंट पर नया नियम लागू -
Trump Florida defeat: ईरान से जंग ट्रंप को पड़ी भारी, जिस सीट पर खुद वोट डाला, वहीं मिली सबसे करारी हार -
Who is Aryaman Birla Wife: RCB के नए चेयरमैन आर्यमन बिड़ला की पत्नी कौन है? Virat Kohli की टीम के बने बॉस












Click it and Unblock the Notifications