UP Budget: 'Political Credibility' को लेकर जब सदन में बीजेपी से भिड़े अखिलेश, जानिए फिर क्या हुआ
विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच अखिलेश ने सदन में कहा, "आप चुनाव जीत जाओ...पर राजनीतिक विश्वसनीयता नहीं है आपकी।" वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि विश्वसनीयता की वजह से ही बीजेपी सत्ता में आई है।

UP Budget 2023: उत्तर प्रदेश में गुरुवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा की शुरुआत करते हुए अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला। पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के प्रमुख और विपक्ष के नेता अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि बीजेपी भले ही चुनाव जीत रही हो, लेकिन जनता से किए गए वादों को पूरा नहीं करने से उसने "अपनी राजनीतिक विश्वसनीयता खो दी है"। सरकार की तरफ से वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने अखिलेश का जवाब दिया। खन्ना ने कहा कि लोगों का भरोसा 'सबसे बड़ा सबूत' है।
चुनाव जीत सकते हो लेकिन आपकी राजनीतिक विश्वसनीयता नहीं
विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच अखिलेश ने सदन में कहा, "आप चुनाव जीत जाओ...पर राजनीतिक विश्वसनीयता नहीं है आपकी।" अखिलेश की टिप्पणी ने वित्त मंत्री सुरेश खन्ना उत्तेजित हो गए। उन्होंने कहा कि भाजपा की विश्वसनीयता उसके "सुशासन" से प्रेरित थी जिसकी वजह से वह 2022 के विधानसभा चुनावों में सत्ता में वापस आई है और लोगों का विश्वास इसकी विश्वसनीयता का सबसे बड़ा प्रमाण है जो पिछले कई चुनावों से पार्टी को मिल रहा है।
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बीजेपी ने कहा- जनता लगातार लगा रही विश्वसनीयता पर मुहर
दरअसल अखिलेश यादव जब सदन में बोल रहे थे तब वो एक "सर्वे रिपोर्ट" का हवाल देकर बीजेपी पर निशाना साध रहे थे। अखिलेश के इस बयान के बाद विपक्ष और बीजेपी के बीच गरमागरम बहस छिड़ गई। भाजपा नेताओं ने रिपोर्ट की "विश्वसनीयता" पर सवाल उठाते हुए आपत्ति जताई। खन्ना ने कहा कि भाजपा ने 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले 'संकल्प पत्र' में लोगों से किए गए 98% वादों को पूरा किया।सत्ता में लौटने के बाद, उन्होंने कहा, राज्य सरकार 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले किए गए 130 वादों में से 110 पर काम कर रही है।
बीजेपी सरकार पर किसानों के साथ धोखा देने का आरोप
खन्ना के जवाब के बाद भी हालांकि अखिलेश अपने बयान पर अड़े रहे। उन्होंने युवाओं को लैपटॉप और टैबलेट बांटने के वादे पर विफल रहने का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार की आलोचना की। सपा ने यह कहते हुए भाजपा पर तंज कसा कि बीजेपी के नेताओं को लैपटॉप, टैबलेट और स्मार्टफोन के बीच का अंतर पता होना चाहिए। सपा प्रमुख ने स्पष्ट रूप से भाजपा सरकार पर 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का झूठा वादा करके "धोखा" करने का आरोप लगाया।
निवेश के नाम पर मेला लगा रही सरकार
उन्होंने विशेष रूप से आलू किसानों का हवाला देते हुए कहा कि वे मुश्किल समय का सामना कर रहे हैं, जबकि सरकार ने उनकी फसल की खरीद के लिए कोई व्यवस्था नहीं की। अखिलेश ने निवेश के जरिए यूपी को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के "दावे" पर भाजपा को घेरने की भी कोशिश की। सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा ने निवेश के नाम पर मेला लगाने की आदत बना ली है।
सरकार की विश्वसनीयता समाप्त, सपने दिखाना बंद करें
अखिलेश ने कहा, "सरकार की कोई विश्वसनीयता नहीं है और इसलिए उन्हें लोगों को सपने दिखाना बंद करना चाहिए।" अखिलेश ने कहा सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति पर तंज कसते हुए कहा कि जिस राज्य की सरकार कार्यवाहक डीजीपी से काम चला रही है उसे एक स्थायी डीजपी नहीं मिल रहा है उससे यूपी में कानून व्यवस्था दुरुस्त करने की कैसे उम्मीद की जा सकती है।
पूर्व सीएम ने कहा कि हाल ही में कानपुर देहात में एक महिला और उसकी बेटी को कथित तौर पर आग लगाने की घटना यूपी की लचर कानून व्यवस्था की हकीकत है। उन्होंने उपहास उड़ाते हुए कहा, "यूपी में अपराध करने में आसानी है।
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