यूपी विधानसभा में उठा जाति जनगणना का मुद्दा, धरने पर बैठे शिवपाल, अखिलेश ने भी सरकार को घेरा
नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने यूपी विधानसभा सत्र में जाति जनगणना का मुद्दा उठाया। इस दौरान अखिलेश ने प्रदेश सरकार को घेरा और सपाई, रालोद नेता वेल में उतर आए और शिवपाल यादव के नेतृत्व में नारेबाजी शुरू कर दी।

UP Budget session: यूपी विधानसभा बजट सत्र के दौरान गुरुवार को समाजवादी पार्टी और रालोद ने जाति जनगणना का मुद्दा उठाते हुए जमकर हंगामा किया। इस दौरान सपाई और रालोद नेता वेल में उतर आए और शिवपाल सिंह यादव के नेतृत्व में सरकार विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी और धरने पर बैठ गए। हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें अपनी सीट पर जाने की चेतावनी दी, लेकिन उन्होंने नारेबाजी जारी रखी। इस दौरान सपा अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भी जाति जनगणना के मुद्दे पर योगी सरकार को घेरा।
नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को विधानसभा में सदन को संबोधित करते हुए यूपी में जाति जनगणना कराए जाने की मांग की। अखिलेश ने कहा, 'बिना जाति जनगणना के सबका साथ सबका विकास नहीं हो सकता है।' इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि सरकार इससे पीछे क्यों हट रही है। कहा कि सपा ने पहले भी मांग की है और अब भी इसके पक्ष में हैं कि यूपी में जाति जनगणना की जानी चाहिए। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार को 2017 में संकल्प पत्र में किए गए वादों की याद दिलाई।
यूपी विधानसभा सत्र में नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने पूछा कि,
जातीय जनगणना अगर बिहार में हो सकती है तो उत्तर प्रदेश में क्यों नहीं हो सकती? इस दौरान उन्होंने कहा कि अध्यक्ष जी, हम सब जातीय जनगणना चाहते हैं। इसके बिना हमारी आबादी, हिस्सेदारी नहीं पता चलेगी, तब कैसे आप सबका विश्वास जीतेंगे।
नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि आप अगर जातीय जनगणना के खिलाफ हैं, तो आउटसोर्सिंग के खिलाफ क्यो नहीं है। बजट में आप डेटा सेंटर बना रहे हैं, तो फिर क्यों जातीय जनगणना नहीं होनी चाहिए। कहा कि हमारे सहयोगी दल अपना दल, रालोद भी जाति जनगणना चाहते हैं। इसके अलावा भी कई दल चाहते हैं कि जाति जनगणना होनी चाहिए। इस पर संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि जनगणना का विषय संविधान के अनुच्छेद-246 के तहत केंद्र सरकार के अधिकार में है। केंद्र सरकार ही जनगणना पर निर्णय ले सकती है। इस सवाब से असंतुष्ट सपा के सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी।
इस पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सपा सदस्यों को चेतावनी देते हुए कहा कि सभी सदस्य अपने सीट पर चलें। इस दौरान सपाई और रालोद नेता वेल में उतर आए और शिवपाल सिंह यादव के नेतृत्व में सरकार विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी और धरने पर बैठ गए। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि अगर वे चाहते हैं कि नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव सदन में अपनी बात रखें तो वे सभी अपनी सीट पर आ जाएं, लेकिन सपा सदस्यों ने उनकी बात नहीं सुनी। वे नारे लगाते रहे और वेल में धरने पर बैठे रहे।
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इससे पहले नेता प्रतिपक्ष ने अखिलेश यादव ने विधासनभा में भाजपा सरकार को 2017 में संकल्प पत्र में किए गए वादों की याद दिलाई। अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार ने वादा किया था कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी। सरकार ने गन्ना किसानों को 14 दिनों में भुगतान का वादा किया था लेकिन ये वादे पूरे नहीं किए जा रहे हैं। अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि लगता है कि दिल्ली और लखनऊ के बीच कुछ गड़बड़ चल रहा है इसलिए दिल्ली वाले लखनऊ वालों का काम नहीं करते और लखनऊ वाले दिल्ली वालों का।












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