उन्नाव गैंगरेप: गवाह के शव को कब्र से निकालने पहुंची पुलिस, परिवार ने किया मना
उन्नाव। उन्नाव दुष्कर्म से जुड़े मामले प्रमुख गवाह की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए कब्र से निकालकर शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। जब पुलिस वहां पोस्टमार्टम कराने पहुंची तो परिवार के लोगों ने कुरान का जिक्र करता हुए शव को कब्र से बाहर निकालने से मना कर दिया है। मामले की विवेचना कर रहे क्षेत्राधिकारी सफीपुर ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। यह पोस्टमार्टम कब होगा इसके विषय में उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी। दुष्कर्म पीड़िता के पिता के साथ हुई मारपीट की घटना का चश्मदीद गवाह यूनुस खान पुत्र नन्हे की मौत हो गई थी। इस संबंध में दुष्कर्म पीड़िता के चाचा ने जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर शव के पोस्टमार्टम कराए जाने की मांग की थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए लिया गया निर्णय
वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने शव को बिना पोस्टमार्टम के दफन करने के मामले में तंज कसा था। सीबीआई ने भी इस संबंध में डीजीपी से पूछताछ की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी ने सीबीआई को घटना की जानकारी दी। कानूनी सलाह मशविरा करने के बाद शव के पोस्टमार्टम कराए जाने का निर्णय लिया। एडीजी लखनऊ जोन ने पुलिस अधीक्षक को यूनुस खान के शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराने का निर्देश दिया। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक ने जिलाधिकारी अनुमति मांगी है। विवेचना अधिकारी सफीपुर क्षेत्राधिकारी ने बताया कि शव के पोस्टमार्टम कराए जाने का निर्णय लिया गया है। लेकिन अभी तारीख निश्चित नहीं की गई है। जिलाधिकारी कार्यालय ने भी बताया कि पुलिस अधीक्षक का पत्र आया था। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक से बातचीत करने का प्रयास किया गया परंतु उनका फोन नहीं उठा।
उन्नाव गैंगरेप मामला एक बार फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर दुष्कर्म पीड़िता के चाचा ने गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि जेल में रहते हुए विधायक ने प्रमुख चश्मदीद गवाह की हत्या करा दी है। इस संबंध में दुष्कर्म पीड़िता के चाचा ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र दिया है। मामले में कहा गया है कि जिस प्रमुख गवाह की हत्या की गई है उसे बिना पोस्टमॉर्टम के ही दफना दिया गया है।
गौरतलब है दुष्कर्म पीड़िता के पिता के साथ गांव में ही विधायक के भाई अतुल सिंह व उसके साथियों ने मारपीट की थी। जिससे दुष्कर्म पीड़िता का पिता गंभीर रूप से घायल हो गया था। बाद में माखी थानाध्यक्ष ने कुलदीप सिंह सेंगर के समर्थक की तहरीर पर दुष्कर्म पीड़िता के पिता के खिलाफ अवैध असलहा व 151 में मुकदमा पंजीकृत कर चालान कर दिया था। गंभीर रूप से घायल दुष्कर्म पीड़िता के पिता की जिला कारागार में निरुद्ध के दौरान मौत हो गई थी। उसके बाद मचे हड़कंप में प्रदेश शासन ने पहले एसआईटी की गठन किया। उसके बाद मामले की जांच सीबीआई को दे दी। सीबीआई ने जिन 400 लोगों से पूछताछ की थी। उनमें मृतक यूनुस खान पुत्र नन्हे निवासी सराय थाना माखी भी शामिल था। दुष्कर्म पीड़िता के चाचा के अनुसार यूनुस खान मारपीट की घटना का प्रमुख चश्मदीद गवाह था जिसकी हत्या जेल के अंदर रहते हुए भाजपा विधायक ने करवा दी। जिसके शव को पुलिस विभाग ने कब्र से बाहर निकाला है ताकि उसका पोस्टमार्टम हो सके।












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