अतीक अहमद को उम्रकैद सुनाए जाने पर उमेश पाल की मां बोलीं- मेरा बेटा योद्धा था, मुझे कोर्ट पर भरोसा है
उमेश पाल अपहरण मामले में अभियुक्त माफिया अतीक अहमद समेत 3 अभियुक्तों को एमपी-एमएलए कोर्ट के जज डा दिनेश चंद्र शुक्ल ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

उमेश पाल अपहरण मामले में मुख्य अभियुक्त माफिया अतीक अहमद समेत 3 अभियुक्तों को एमपी-एमएलए कोर्ट के जज डा दिनेश चंद्र शुक्ल ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही सभी पर एक-एक लाख का जुर्माना लगाया गया है। इस मामले में आरोपियों को करीब 18 साल बाद सजा मिली है। अतीक अहमद को सजा मिलने के बाद उमेश पाल की मां ने कहा कि, वह एक योद्धा था, मुझे कोर्ट पर पूरा भरोसा है।
अतीक अहमद को सजा मिलने के बाद मीडिया से बात करते हुए उमेश पाल की मां शांति देवी ने कहा कि, मेरे बेटे का अपहरण हुए 18 साल हो चुके हैं। वह एक योद्धा था। मुझे कोर्ट पर भरोसा है। उसे (अतीक अहमद को) मेरे बेटे के अपहरण के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है, लेकिन उसे मेरे बेटे की हत्या के लिए मौत की सजा दी जानी चाहिए। मुझे यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ पर पूरा भरोसा है।
शांति देवी ने कहा कि, मेरा बेटा शेर की तरह लड़ाई लड़ता चला आया। जब उसे (अतीक अहमद) लगा कि वह नहीं बच पाएगा तब उसने 17-18 साल बाद मेरे बेटे की हत्या कराई। कोर्ट मेरे बेटे की हत्या पर उसे (अतीक अहमद) फांसी की सज़ा सुनाए। वह नोट के बल पर आगे कुछ भी कर सकता है। वहीं उमेश पाल की पत्नी ने इस मामले में कोर्ट के फैसले पर संतुष्टि जाहिर की है।
उमेश पाल की पत्नी जया देवी ने कहा कि, जब तक अतीक, उसके भाई, बेटे को खत्म नहीं किया जाएगा तब तक यह आतंक चलता रहेगा। मैं न्यायपालिका के फैसले का सम्मान करती हूं। मैं मुख्यमंत्री जी से चाहूंगी की अतीक अहमद को खत्म किया जाए जिससे उसके आतंक पर भी अंकुश लगे। अभी के फैसले से हम संतुष्ट हैं। मेरे पति की हत्या के लिए अतीक अहमद को मौत की सजा दी जानी चाहिए। हम न्याय चाहते हैं और मैं यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से हमारी मदद करने का अनुरोध करती हूं। अगर वह और उसका भाई बच गए तो यह हमारे और समाज के लिए समस्या होगी।
वहीं दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट ने उमेश पाल हत्याकांड में जेल में बंद पूर्व सांसद एवं कथित गैंगस्टर अतीक अहमद की उत्तर प्रदेश पुलिस की हिरासत के दौरान सुरक्षा की मांग वाली याचिका मंगलवार को खारिज कर दी। न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और न्यायमूर्ति बेल एम. त्रिवेदी की पीठ ने जान को खतरा होने के अतीक अहमद के दावे पर उसे सुरक्षा के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय का रुख करने की अनुमति दी।
2006 में हुए केस के अतीक सहित 3 आरोपियों को प्रयागराज की एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोषी करार दिया है। कोर्ट ने 17 साल पुराने केस में अतीक के साथ ही शौकत हनीफ और दिनेश पासी को दोषी करार दिया गया है। दरअसल, बसपा विधायक राजू पाल की हत्या केस में गवाह रहे उमेश पाल का अपहरण कर लिया गया था। वहीं अशरफ के सहित 7 अन्य अभियुक्तों को 364 ए और 120 बी में कोर्ट ने बरी कर दिया। इससे पहले सोमवार को गुजरात के साबरमती जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच प्रयागराज के नैनी जेल ले आया गया।












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