Umar Ansari की जेल शिफ्टिंग: क्या गाजीपुर से कासगंज जाने से केस पर पड़ेगा बड़ा असर?
Umar Ansari: गाजीपुर जेल में बंद मुख्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी को शनिवार सुबह 6 बजे अचानक कासगंज जेल में शिफ्ट किया गया। यह शिफ्टिंग पूरी तरह गोपनीय तरीके से हुई और केवल उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी थी। सुरक्षा कारण इसका मुख्य आधार बताया जा रहा है।
उमर की जेल शिफ्टिंग की जानकारी मिलने के बाद उनके बड़े भाई और विधायक अब्बास अंसारी ने नाराजगी जताई। उमर को उनकी मां अफसा अंसारी के फर्जी हस्ताक्षर के मामले में 3 अगस्त को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया था। तब से वह गाजीपुर जेल में बंद थे।

आरोप है कि उन्होंने फरार मां और इनामी अफसा अंसारी के दस्तावेज अदालत में पेश किए थे। आरोप है कि अदालत में पेश किए गए दस्तावेज में उमर ने अपनी मां अफसा अंसारी का खुद हस्ताक्षर बनाया था। जांच के बाद उमर की गिरफ्तारी हुई थी।
फर्जी दस्तावेज और अदालत की कार्रवाई
मुख्तार अंसारी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे में पुलिस ने करीब 10 करोड़ की संपत्ति कुर्क की थी। उमर और अफसा ने कोर्ट में इस संपत्ति को वापस लेने की अपील की। कोर्ट ने याचिका की जांच के लिए शासकीय अधिवक्ता को जिम्मा सौंपा।
11 जुलाई को शासकीय अधिवक्ता ने दस्तावेजों की समीक्षा की। जांच में पाया गया कि याचिका में मौजूद अफसा के हस्ताक्षर संदिग्ध हैं। मेसर्स विकास कंस्ट्रक्शन की पार्टनरशिप डीड पर हस्ताक्षर याचिका वाले दस्तावेजों से बिल्कुल अलग मिले।
अफसा अंसारी वर्तमान में एक लाख रुपए की इनामी हैं। पुलिस ने उन पर 50-50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया और लुकआउट नोटिस भी जारी किया है। ऐसे में अदालत में उनकी सीधे याचिका दाखिल करना संदेह से परे नहीं माना जा रहा।
गिरफ्तारी और कानूनी प्रक्रिया
जांच के बाद थाना मुहम्मदाबाद में उमर अंसारी और वकील लियाकत अली के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने 3 अगस्त को लखनऊ से उमर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। परिवार ने दोनों की जमानत के लिए अलग-अलग याचिका दायर की, लेकिन कोर्ट ने उन्हें खारिज कर दिया।
लियाकत अली की गिरफ्तारी अभी नहीं हुई है। इसी बीच उमर के बड़े भाई अब्बास अंसारी हेट स्पीच मामले में विधायक पद पर बहाल हुए हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मऊ की MP/MLA कोर्ट के फैसले पर रोक लगाई थी, जिसमें अब्बास को 2 साल की सजा सुनाई गई थी।
अब्बास अंसारी और हेट स्पीच का मामला
दरअसल, 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान अब्बास अंसारी ने एक रैली में बयान दिया कि सरकार बनने के बाद किसी की ट्रांसफर-पोस्टिंग नहीं होगी। उनका तर्क था कि पहले हिसाब-किताब और फिर ट्रांसफर होगा। उनके इस बयान के बाद शहर कोतवाली में FIR दर्ज की गई।
31 मई को मऊ की MP/MLA कोर्ट ने अब्बास को 2 साल की सजा सुनाई। इसके तुरंत बाद विधानसभा सचिवालय ने उनकी सीट रिक्त घोषित कर दी। इससे राजनीतिक हलकों में काफी हलचल मची और मीडिया में खूब चर्चा हुई।
-
'Monalisa झूठी है', महाकुंभ वायरल गर्ल की मां का बड़ा दावा, पिता जय सिंह ने सबके सामने रखा बेटी का ऐसा सच -
Gold Silver Price Today: सोना चांदी धड़ाम, सिल्वर 15,000 और गोल्ड 4000 रुपये सस्ता, अब इतनी रह गई कीमत -
Khamenei Last Photo: मौत से चंद मिनट पहले क्या कर रहे थे खामनेई? मिसाइल अटैक से पहले की तस्वीर आई सामने -
38 साल की फेमस एक्ट्रेस को नहीं मिल रहा काम, बेच रहीं 'ऐसी' Photos-Videos, Ex-विधायक की बेटी का हुआ ऐसा हाल -
Monalisa Caste: मुस्लिम मर्द से शादी करने वाली मोनालिसा की क्या है जाति? क्या कर लिया धर्म परिवर्तन? -
IPL 2026 की ओपनिंग सेरेमनी रद्द, BCCI ने अचानक ले लिया बड़ा फैसला, मैच पर भी मंडराए संकट के बादल? -
Iran US War: ईरान ने खाक किए अमेरिकी बेस, बताया अब किसकी बारी? खौफनाक दावे से मचा हड़कंप -
Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल ₹5.30 और डीजल ₹3 महंगा, ईरान जंग के बीच इस कंपनी ने बढ़ाई कीमतें, ये है रेट -
Energy Lockdown: एनर्जी लॉकडाउन क्या है? कब लगाया जाता है? आम पब्लिक पर कितना असर? हर सवाल का जवाब -
LPG Price Today: क्या राम नवमी पर बढ़ गए सिलेंडर के दाम? आपके शहर में आज क्या है रेट? -
Fact Check: क्या सच में देश में लगने वाला है Lockdown? क्या है वायरल दावों का सच? -
Uttar Pradesh Petrol-Diesel Price: Excise Duty कटौती से आज पेट्रोल-डीजल के दाम क्या? 60 शहरों की रेट-List












Click it and Unblock the Notifications