जामिया के दो छात्रों की हत्या की गुत्थी सुलझी, पढ़िए खुलासा
प्रेमिका को वश में करने के लिए ताबीज लेने छात्र अपने दोस्त के साथ तांत्रिक के पास गया था। वहां पहले से ही मौत का जाल बिछाया गया था।
मेरठ। करीब छह दिन पहले अगवा हुए जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय दिल्ली के दोनों छात्रों की लाश शनिवार सुबह गाजियाबाद की डासना मसूरी नहर के किनारे झाड़ियों से बरामद हो गई। क्राइम ब्रांच और थाना पुलिस ने इस मामले में नोएडा के सेक्टर 63 में मदरसे में पढ़ाने वाले एक हत्यारोपी अय्यूब को गिरफ्तार करते हुए इस पूरे प्रकरण का खुलासा किया है। जबकि इस मामले का मुख्य आरोपी फरार है।

प्रेम संबंधों के चलते हुई वारदात
पुलिस ने बताया कि अपहृत एक छात्र प्रेम संबंधों में आड़े आ रहा था, इसके चलते सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया गया है। दरअसल , मेरठ के मुंडाली थाना क्षेत्र के जसोरा गांव निवासी छात्र बाबर और सद्दाम सोमवार को जामिया मिलिया विश्वविद्यालय के लिए अपने गांव से रवाना हुए थे, मगर वह दिल्ली नहीं पहुंचे। आरोपियों ने परिजनों को फोन करके छात्रों की रिहाई के बदले डेढ़ करोड़ रुपए की फिरौती मांगी थी। पुलिस ने बाबर और सद्दाम के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई तो घटना परत दर परत खुलनी शुरू हो गई। पुलिस की छानबीन में पता चला कि आखरी बार बाबर की बातचीत गांव के ही अय्यूब से हुई थी।

वारदात का पुलिस ने किया खुलासा
अयूब नोएडा के सेक्टर 63 में एक मदरसे में पढ़ाता है। पुलिस ने अय्यूब को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो सारा मामला खुल गया। अयूब ने बताया कि बाबर का गांव की ही एक लड़की से प्रेम प्रसंग था । दूसरे हत्यारोपी हैदर से भी उस लड़की का प्रेम प्रसंग चल रहा था, बाबर को इस बात का पता लगा तो उसने हैदर को रास्ते से हटाने की योजना बना। बाबर ने अय्यूब को 10 लाख रुपए में हैदर की हत्या की सुपारी दी थी। सोमवार को दिल्ली जाते वक्त अय्यूब ने दोनों छात्रों को नोएडा में सेक्टर 63 में बुला लिया। वहां से हैदर उन्हें अपने ऑटो में बैठाकर अय्यूब के मदरसे के पास एक कमरे पर ले गया। वहां पर अय्यूब और हैदर ने छात्र बाबर और सद्दाम की कपड़े से गला घोटकर हत्या कर दी। दोनों के शवों को ऑटो में डालकर डासना मसूरी नहर पर लेकर पहुंच गए। जिसके बाद दोनों शवों को नहर किनारे झाड़ियों में फेंककर फरार हो गए। फिलहाल, पुलिस अब हत्यारोपी हैदर की तलाश कर रही है। बता दें कि मृतक सद्दाम का इस मामले से कोई लेना देना नही था। वहीं, इस वारदात का खुलासा होने के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है।

क्या है मामला
दरअसल, मुंडाली के जिसौरा गांव का निवासी बाबर और सद्दाम दिल्ली की जामिया यूनिवर्सिटी के छात्र थे। बीती 10 अप्रैल की दोपहर तीन बजे दोनों अपने गांव से दिल्ली जाने के लिए निकले और शाम को छह बजे घर पर कॉल करके अपने दिल्ली पहुंचने की जानकारी दी। लेकिन उसके कुछ देर बाद ही परिजनों के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल करने वाले व्यक्ति ने छात्रों के अपहरण की बात कहते हुए दोनों छात्रों को छोड़ने की एवज में एक लाख साठ हजार की फिरौती मांगी। घटना के बाद से दोनों छात्रों के मोबाइल बंद थे और आरोपी बार-बार फिरौती के लिए परिजनों को कॉल करता रहा।
परिजनों ने कई बार उससे छात्रों से बात कराने को कहा, लेकिन उसने बात नहीं कराई। उधर, इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने पर पुलिस ने जिसौरा के रहने वाले तांत्रिक अय्यूब पुत्र शेरदीन को हिरासत में ले लिया। दरअसल, बाबर की कॉल डिटेल निकलवाने पर पुलिस को पता चला था कि बाबर का मोबाइल से आखिरी कॉल अय्यूब को की गई थी, जिसके बाद से उसका मोबाइल बंद हो गया था। वहीं पुलिस ने बाबर के रूममेट मेहज, अब्दुल कादिर और एक अन्य को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। पुलिस दो दिन से अय्यूब व अन्य से पूछताछ में जुटी थी।

पुलिस की सख्ती से टूट गया अय्यूब
शुरुआती दौर में अय्यूब पुलिस को गुमराह करने में जुटा रहा। लेकिन लापता छात्रों के परिजनों का दबाव बनता देख जब पुलिस ने अय्यूब को खाकी का असली रूप दिखाया तो वह टूट गया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने शनिवार की सुबह गाजियाबाद के मसूरी गांव के निकट नहर की झाड़ियों ने सद्दाम और बाबर की लाश बरामद कर ली। दोनों लाश बुरी तरह से सड़ चुकी थी। पुलिस ने परिजनों को बुलाकर लाशों की शिनाख्त कराई तो उनमें कोहराम मच गया। बाद में दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।

बाबर का हुआ खून, साथ में मारा गया सद्दाम
तंत्रिक अय्यूब ने पुलिस को बताया कि बाबर का गांव की एक युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था और वह उससे निकाह करना चाहता था। लेकिन युवती गांव के ही रहने वाले हैदर से भी प्रेम करती थी। हैदर विवाहित था और वह भी किसी सूरत में युवती को छोड़ने को तैयार नहीं था। अय्यूब के अनुसार हैदर ने उसे लालच दिया कि यदि वह किसी प्रकार बाबर को नोएडा स्थित अपने कार्यालय में बुला ले तो वह उसे दस लाख रूपये देगा। जिसके बाद अय्यूब ने बाबर से कहा कि वह उसे ऐसा ताबीज बनाकर दे सकता है, जिससे उसकी प्रेमिका उसके वश में हो जाएगी और कहीं नहीं जाएगी। प्रेमिका को वश में करने के लिए बाबर ने अय्यूब से ताबीज बनाने को कहा। 10 अप्रैल को अय्यूब ने बाबर को ताबीज लेने के लिए नोएडा सेक्टर 63 स्थित अपने मदरसे में बुलाया था। बाबर अपने साथ सद्दाम को लेकर अय्यूब के पास पहुंचा। जहां उसने दोनों को कोल्ड ड्रिंक में बेहोशी की दवा दे दी। बाबर और सद्दाम के बेहोश होने के बाद वहां छिपे हैदर ने दोनों की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद दोनों की लाश को मसूरी की नहर में ठिकाने लगाने गए, लेकिन शव नहर में न गिरकर झाड़ियों में गिर गए और वह घबराकर भाग गए। पुलिस ने इस मामले में अय्यूब को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों छात्रों के रूममेट्स का कोई रोल न निकलने पर उन्हें छोड़ा जा रहा है। वहीं मुख्य आरोपी हैदर फरार है।












Click it and Unblock the Notifications